भोपालमध्य प्रदेश

लंबित मामलों के निराकरण के लिए भू अभिलेख अधीक्षकों को दिए मजिस्ट्रियल अधिकार 

लंबित मामलों के निराकरण के लिए भू अभिलेख अधीक्षकों को दिए मजिस्ट्रियल अधिकार 
– एसएलआर, एएसएलआर कर सकेंगे तहसीलदार व नायब तहसीलदार की तरह काम 
– शासन ने जारी किए गए प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आदेश 
भोपाल यशभारत। राजस्व मामलों के जल्द निराकरण के लिए शासन स्तर पर अब नई व्यवस्था बनाई जा रही है। अधीक्षक भू अभिलेख एसएलआर और सहायक अधीक्षक भू अभिलेख एएसएलआर को मजिस्ट्रियल अधिकार दिए गए हैं। यानि एसएलएल और एसएलआर तहसीलदार और नायब तहसीलदार के समान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के कार्य कर सकेंगे। राजस्व विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करें।
इस फैसले से अब एसएलआर और एएसएलआर न केवल राजस्व न्यायालयों में सुनवाई कर सकेंगे, बल्कि प्रशासनिक और न्यायिक दोनों तरह के मामलों में आदेश पारित करने का अधिकार भी रखेंगे। इससे प्रदेशभर में लंबित राजस्व प्रकरणों के निपटान की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। राजस्व विभाग के मुताबिक, इन पदों को मजिस्ट्रियल अधिकार दिए जाने के बाद अब प्रदेश में ऐसे अफसरों की कुल संख्या 2278 हो गई है जो राजस्व न्यायालयों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करेंगे। गौरतलब है कि सितंबर माह में शासन ने एसएलआर और एएसएलआर के पदों को तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदनाम में मर्ज करने का आदेश जारी किया था। इस व्यवस्था के तहत अब एसएलआर और एएसएलआर दोनों ही लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभा सकेंगे। ग्रामीण और तहसील स्तर पर वर्षों से अटके प्रशासनिक कामकाज में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
एसएलआर के १४४ और तहसीलदार के ६१० पद 
राजस्व विभाग ने बताया कि राज्य में वर्तमान में एसएलआर के 144 पद और तहसीलदार के 610 पद हैं। दोनों समान वेतनमान के तहत आते हैं, इसलिए इन्हें मर्ज करने के बाद तहसीलदार के कुल पद 754 हो गए हैं। इसी तरह एएसएलआर के 282 और नायब तहसीलदार के 1242 पदों के मर्जर के बाद अब नायब तहसीलदार के 1524 पद हो गए हैं।
डिप्टी कलेक्टर के रूप में होगा प्रमोशन 
नए आदेश के अनुसार, एसएलआर का अगला प्रमोशन अब डिप्टी कलेक्टर के रूप में होगा। प्रमोशन की प्रक्रिया पहले से तय सीनियरिटी सूची के आधार पर ही की जाएगी। साथ ही शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि एएसएलआर कैडर में अब नई सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। रिक्त पदों को नायब तहसीलदार के रूप में भरा जाएगा। पदों को मर्ज किए जाने के बाद यह डाइंग कैडर बन जाएगा। वर्तमान में कार्यरत अधिकारी सेवानिवृत्त होने के बाद इन पदों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

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