
जबलपुर यश भारत।शहर में अभी निजी स्कूलों को फिलहाल छात्रों को फीस नहीं लौटानी होगी. जबलपुर हाईकोर्ट ने कलेक्टर के फीस लौटाने के आदेश पर रोक लगा दी है. इसे लेकर हाईकोर्ट ने राज्य शासन और कलेक्टर को नोटिस भी दिया है. कलेक्टर ने निजी स्कूलों की जांच में साल 2018 से साल 2024 तक मनमानी फीस वृद्धि पाई थी. उन्होंने 11 निजी स्कूलों को करीब 81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त फीस पेरेंट्स को लौटाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद निजी स्कूलों ने कलेक्टर के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.बता दें, जबलपुर के 240 से ज्यादा निजी स्कूलों में से अधिकांश ने प्रशासन और राज्य सरकार को बिना जानकारी दिए अनाप-शनाप फीस वृद्धि कर दी थी. इनमें पहले चरण की जांच में 11 स्कूलों को लिया गया. फीस वृद्धि नियम के मुताबिक स्कूलों को 10 फीसदी तक फीस बढ़ाने की जानकारी सभी पैरेंट्स को और प्रशासन को देनी होती है. अगर फीस 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ाई जाती है तो उसकी जानकारी राज्य सरकार को देनी जरूरी है. लेकिन, निजी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया.
इसके बाद प्रशासन ने पहले जबलपुर के 11 बड़े निजी स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. उसके बाद उनके प्रिंसिपल और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया था. प्रशासन इन स्कूलों को पैरेंट्स से ली गई नियम विरुद्ध फीस लौटाने का फरमान जारी किया गया था. जा रहा है. सभी स्कूलों की फीस मिलाकर ये रकम 81 करोड़ रुपये है.गौरतलब है कि निजी स्कूलों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से फीस बढ़ाई गई और पुस्तक विक्रेताओं के साथ सांठगांठ की गई. इसके बाद पैरेंट्स को तय दुकान से किताब कॉपियां खरीदने के लिए बाध्य किया गया. जिला प्रशासन की जांच में भी यह सारे तथ्य उजागर हुए थे. उसके बाद निजी स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 11 स्कूलों के संचालक, प्रिंसिपल एवं अन्य स्टाफ को गिरफ्तार किया गया था.







