नौगाम ब्लास्ट में 9 की मौत,29 घायल,थाने में रखा था विस्फोटक
धमाके पर गृह मंत्रालय का बयान-सैंपल लेने के दौरान हुआ हादसा

श्रीनगर,एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात को एक भयानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग अभी भी घायल हैं। इन घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी शामिल है। फिलहाल शवों की पहचान की जा रही है और घायलों का इलाज चल रहा है। 92 आर्मी बेस और सौरा हॉस्पिटल में पुलिस स्टेशन ब्लास्ट के सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।
नौगाम धमाके पर गृह मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस, DGP ने दी घटना की पूरी जानकारी
डीजीपी नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गृह मंत्रालय ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “नौगाम पुलिस ने ही डॉक्टर मॉड्यूल का खुलासा किया था। फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक थाने में रखे गए थे। फॉरेंसिंक जांच के दौरान धमाका हो गया। धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई है। इसमें कोई आंतकी एंगल नहीं है, यह एक हादसा था।”
ब्लास्ट में मरने वालों में जांच टीम के 8 सदस्य
DGP ने स्पष्ट किया कि धमाका पूरी तरह दुर्घटनात्मक था और इसके कारण पर किसी भी तरह की अन्य अटकलें लगाना उचित नहीं है। इस विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई। इस हादसे में जान गंवाने वालों में SIA का एक कर्मी, FSL टीम के 3 सदस्य, क्राइम सीन फोटोग्राफी टीम के 2 लोग, मजिस्ट्रेट टीम के 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल थे जो टीम के साथ काम कर रहे थे। इसके अलावा 27 पुलिसकर्मी, 2 राजस्व अधिकारी और 3 नागरिक घायल हुए हैं और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दो दिनों से चल रही थी जांच
वहीं नौगाम में हुए ब्लास्ट पर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा, ‘नौगाम थाने में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान, 9 और 10 नवंबर को फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, रसायन और रीजेंट भी बरामद किए गए थे। यह बरामदगी, बाकी बरामदगी की तरह, पुलिस स्टेशन नौगाम के खुले क्षेत्र में सुरक्षित रूप से रखी गई थी।’ उन्होंने कहा, ‘बरामदगी के नमूनों को आगे की फॉरेंसिक और रासायनिक जांच के लिए भेजा जाना था। बरामदगी की भारी प्रकृति के कारण, एफएसएल टीम द्वारा यह प्रक्रिया पिछले 2 दिनों से, यानी कल और परसों से चल रही थी।’







