22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात; 12 करोड़ की लागत से बने भव्य ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भवन’ का हुआ लोकार्पण

सागर, यशभारत l मध्य प्रदेश के खुरई में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन के एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खुरई वासियों को 22 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम की शुरुआत बंडा विकासखंड के शराब कांड में असमय जान गंवाने वाले मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई।
कार्यक्रम के दौरान 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खुरई नगरपालिका के अत्याधुनिक नवीन भवन का लोकार्पण किया गया। इस नव निर्मित भवन का नाम ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भवन’ रखा गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन और सुविधाओं को बढ़ावा देने वाले ‘मिडवे रिट्रीट’ तथा ‘गुरु तेग बहादुर चौराहे’ के विकास कार्यों का भी लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न हुआ।
रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, हुआ भव्य स्वागत
लोकार्पण समारोह से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक श्री भूपेंद्र सिंह तथा सांसद श्रीमती लता वानखेड़े के साथ खुली जीप में सवार होकर नगर के मुख्य मार्गों से निकले। इस दौरान पूरे रास्ते खुरई की जनता ने जगह-जगह काफिले को रोककर जनप्रतिनिधियों का पुष्पवर्षा के साथ ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया।
सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “खुरई के विधायक और पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का पूरा चिंतन खुरई के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने खुरई की तस्वीर बदल कर रख दी है। 12 करोड़ की लागत से बना यह नया नगरपालिका भवन इतना बड़ा और आधुनिक है कि पूरे प्रदेश की किसी भी नगरपालिका का भवन इसके सामने नहीं ठहरता।” उन्होंने आगे कहा कि शहर के पार्कों में स्थापित देश के महापुरुषों की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेंगी। सांसद ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अखंड भारत के लिए दिए गए बलिदान को भी याद किया।
युवा नेता अविराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक युगद्रष्टा थे, जिनके राष्ट्रवादी विचारों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ के सिद्धांत से आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, “देश की प्रगति तभी वास्तविक और सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।” उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को राष्ट्र प्रथम, अनुशासन, सेवा और चरित्र निर्माण को अपने जीवन का आधार बनाकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।






