विरोध-प्रदर्शनों में मेट्रो-ट्रेन सेवाएं बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त , मुख्य न्यायाधीश ने जताई चिंता, आम नागरिकों की सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन चालू रखने पर दिया जोर

विरोध-प्रदर्शनों में मेट्रो-ट्रेन सेवाएं बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
मुख्य न्यायाधीश ने जताई चिंता, आम नागरिकों की सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन चालू रखने पर दिया जोर
भोपाल यश भारत । नई दिल्ली, विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। मुख्य न्यायाधीश सीजेआई ने मेट्रो सेवाओं के अचानक बंद होने से आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप होने से आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मेट्रो और ट्रेन सेवाएं लाखों लोगों के दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन हैं। इनके बाधित होने से नौकरीपेशा लोगों विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को परेशानी होती है। ऐसे में विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी जनसुविधाओं को ध्यान में रखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदालत ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को निरंतर चालू रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि विरोध-प्रदर्शनों का असर आम नागरिकों की आवाजाही पर न पड़े।







