वैशाली में श्राद्ध भोज में जा रहे लोगों की नाव गंगा में पलटी, 13 की मौत से पसरा मातम

वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार देर शाम हुए इस हादसे में कम से कम 13 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश बच्चे और लड़कियां बताए जा रहे हैं। नाव में सवार लोग एक श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे। घटना के बाद क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना राघोपुर थाना क्षेत्र में रात करीब 8:30 बजे हुई। नाव में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी में नाव पर 15 से 25 लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। हालांकि, सवार लोगों की वास्तविक संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन की ओर से घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई गई और प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया शोक
वैशाली में हुए हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए इस कठिन समय में उन्हें संबल मिलने की कामना की। राष्ट्रपति ने दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाव दुर्घटना पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, घायलों को उपचार और राहत के लिए 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
बिहार सरकार देगी चार लाख रुपये
राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की घोषित सहायता के अनुसार, पात्रता एवं निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं के अधीन प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल छह लाख रुपये की सहायता मिल सकती है। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।







