मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना से रिद्धी को मिलेगी सुनने-बोलने की नई उम्मीद
चार साल की बालिका को मिला कॉक्लियर इम्प्लांट का लाभ

जबलपुर, यश भारत। मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना जन्मजात श्रवण बाधित बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगा रही है। इसी क्रम में 4 वर्ष 3 माह की बालिका रिद्धी तिवारी को कॉक्लियर इम्प्लांट का लाभ मिला है। इस उपचार से बालिका की सुनने की क्षमता विकसित करने और उसे बोलने में सक्षम बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जन्मजात श्रवण बाधित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए चिन्हित अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है। कॉक्लियर इम्प्लांट के माध्यम से सुनने की क्षमता विकसित करने में सहायता मिलती है। इसके बाद स्पीच थेरेपी के जरिए बच्चों को बोलना सीखने और संवाद करने के लिए तैयार किया जाता है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के निर्देशन में जिले में बाल स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। जिला प्रबंधक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सुभाष शुक्ला ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य श्रवण बाधित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।







