हाईकोर्ट पहुंचीं निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, एफआईआर निरस्त करने की मांग, 16 सितंबर को सुनवाई

कटनी, यशभारत। निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बहुचर्चित जमीन घोटाले में कुठला थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द कराने की उनकी कोशिश अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गई है। याचिका पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 16 सितंबर को तय की गई है। जमीन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय कटनी में अग्रिम जमानत आवेदन दिया था हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया और अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। निचली अदालत से झटका लगने के तुरंत बाद निलंबित सीएसपी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की शरण ली। दायर याचिका में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए एफआईआर को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग की है। हाईकोर्ट की एकल पीठ अब 16 सितंबर को होने वाली सुनवाई में यह तय करेगी कि याचिका में प्रस्तुत किए गए कानूनी आधारों पर एफआईआर निरस्त की जानी चाहिए या नहीं। चल रही पुलिस जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने या याचिकाकर्ता को राहत देने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में इस हाई प्रोफाइल मामले की अगली अदालती कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
ये लगे हैं आरोप
पूरा मामला कन्हवारा क्षेत्र स्थित कीमती जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा हुआ है। जमीन की अनुमानित सरकारी व बाजार कीमत लगभग 1.07 करोड़ बताई गई है।आरोप है कि इस जमीन की आधिकारिक रजिस्ट्री महज 18 लाख में कराई गई। स्टाम्प ड्यूटी की चोरी, वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग के आरोपों के तहत कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे एवं मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच पुलिस की विशेष टीम द्वारा की जा रही है।







