सागर में बोले दिग्विजय सिंह: अवैध शराब का कारोबार व्यापक, बेकसूरों की मौत पर सरकार साधे है चुप्पी

सागर, यशभारत l मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर हाल ही में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने बंडा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जाकर मृतक परिजनों से मुलाकात की, उनका ढांढस बंधाया और स्थानीय ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत पूर्व मुख्यमंत्री छतरपुर से प्रस्थान कर दोपहर शाहगढ़ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने खाटोर खुर्द, पापेट, मोली, धुरमार, रवारा, बुडना एवं गोगरा गांवों का दौरा किया।
पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने अवैध शराब कारोबार को लेकर सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का नेटवर्क बहुत व्यापक हो चुका है और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय व विधिवत जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यह अवैध शराब अगस्त के तीसरे सप्ताह में बनना शुरू हुई थी और 3 से 5 सितंबर के बीच दुकानों तक पहुंची। खुलेआम बिक रही अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई न होना बेहद शर्मनाक है।
पुलिस अधीक्षक पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सागर के वर्तमान पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, “जब मौजूदा एसपी मुरैना में पदस्थ थे, उस दौरान भी जहरीली और अवैध शराब से मौतों का तांडव हुआ था. जब उनको मुरैना से हटाकर सागर भेज दिया गया है तो अब यहां जहरीली शराब से मौत की घटना सामने आई है. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.”
कांग्रेस शासनकाल का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान यदि किसी क्षेत्र की 50 प्रतिशत महिलाएं लिखित में आवेदन देती थीं, तो उस क्षेत्र की शराब दुकान को तत्काल बंद करवा दिया जाता था।
इस दौरे के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा, शहर अध्यक्ष महेश जाटव, पूर्व विधायक तरवर लोधी, नारायण प्रजापति, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, जिला संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, जिला उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी अभिषेक गौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







