स्वास्थ्य तंत्र का एक और फर्जीवाड़ा बेनकाब: करोड़ों की मशीनों पर बिठा दिए थे ‘अनाड़ी’, शिकायत के बाद 6 टेक्नीशियन बाहर

रीवा। कल्पना मिश्रा मौत मामले ने रीवा के स्वास्थ्य व्यवस्था की जमकर किरकिरी की। सारी खामियों को उजागर कर दिया। अब रही सही कसर टेक्नीशियनों की गलत नियुक्ति ने पूरी कर दी है। हद तो यह है कि अस्पताल में करोड़ों की महंगी मशीनों को चलाने के लिए रखे गए आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति में भी गड़बड़ी की गई। योग्य कंडीडेट को पहले रखा गया। बाद में तत्कालीन डीन डॉ सुनील अग्रवाल ने उन्हें बाहर कर दूसरे कंडीडेट को नौकरी दे दी। यही गलती सभी के नौकरी पर भारी पड़ गई। जिस कंडीडेट को नौकरी से निकाला गया था। उसने सारे कारनामों की पोल खोल दी। इतनी शिकायतें की कि पूरा सिस्टम ही हिल गया।
लगातार कई महीनों से सिर्फ शिकायतों पर शिकायतें ही कर रही थी। इसका असर हुआ। कमिश्नर के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज और अधीक्षक संजय गांधी अस्पताल को टीम बनानी पड़ी। जांच कराई गई। जांच में सच सामने आया। सीटी, एमआरआई मशीनों के लिए तैनात किए गए टेक्नीशियन योग्य नहीं पाए गए। ऐसे में सभी को बाहर करने का निर्णय लिया गया है।
डिप्टी सीएम ने किया था करोड़ों की मशीनों का शुभारंभ
आपको बता दें कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जुलाई 2025 में 13 करोड़ की लागत से स्थापित की गई एमआरआई मशीन की शुरुआत की गई थी। वहीं अगस्त में संजय गांधी अस्पताल में सीटी एमआरआई शुरू की गई थी। इन दोनों मशीनों को संचालित करने के लिए कार्यकारिणी की बैठक में 8 पदों की स्वीकृति दी गई थी। इन पदों पर भर्ती करने के लिए नियमों को धता बताया गया। बिना विज्ञापन निकाले ही अयोग्य और सिफारिश वाले कंडीडेट की भर्ती कर दी गई। पहले जिन्हें रखा गया था, बाद में उन्हें बिना सूचना के ही बाहर कर दिया गया। सीटी एमआरआई का सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले कंडीडेट बाहर कर दिए गए थे। उसकी जगह पर एक्सरे टेक्नीशियन का कोर्स करने वाले उम्मीदवारों को नौैकरी दे दी गई थी। इसी गड़बड़ी की अब पोल खुली है। जांच के बाद हाईट्स और एजाइल कंपनी पर दबाव बना और अयोग्य कंडीडेट को बाहर करने का नोटिस जारी कर दिया गया है।
अंजली चौधरी ने की थी गलत नियुक्ति की शिकायत
एसजीएमएच और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सीटी, एमआरआई टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई। इसमें एक टेक्नीशियन अंजली चौधरी भी थी।
अंजली को सीटी एमआरआई में टेक्नीशियन के पद पर नियुक्त किया गया था। अंजली के दस्तावेजों की केवायसी होने के बाद नियुक्ति दी गई थी। अंजली ने मेडिकल कॉलेज से ही सीटीएमआरआई का कोर्स किया था। नियुक्ति के बाद उसे बाहर कर दिया गया। उनकी जगह पर किसी और को नियुक्त कर दिया गया। इसकी शिकायत उन्होंने कमिश्नर, कलेक्टर, डीन से की थी। जांच के बाद 6 टेक्नीशियन को नौकरी से बाहर किए जाने का नोटिस जारी किया गया है। सिर्फ दो टेक्नीशियन योग्य पाए गए हैं।







