सडक़ पर बह रही गंदगी, आस्था पर चोट, विजयराघवगढ़ में नगर परिषद प्रशासन की मनमानी

विजयराघवगढ़, यशभारत। शारदेय नवरात्रि पर्व पर सम्पूर्ण नगर सहित क्षेत्र भर में नवदुर्गा उत्सव मनाने लोग सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी श्रद्धा और भक्ति से दुर्गा प्रतिमाओ को स्थापित कर प्रात: स्नान कर देवी मंदिर देवालयों एवं देवी प्रतिमाओं की पूजन हेतु पहुंच कर पूजन अर्चन करना चाहते हैं किंतु स्थानीय प्रशासन द्वारा विगत कई माह पूर्व कोर्ट के निर्देशन मे अतिक्रमण हटाने की ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी, जिसके कारण नगर के मुख्य के किनारे निर्मित मकानों को लोगों द्वारा स्वयं तोडऩा पड़ा था, जिसका मिलना नालियों में जाने के कारण नालियों का गंदा पानी सडक़ में बह रहा है। ठेकेदार द्वारा नाली निर्माण का कार्य अब और तब की तर्ज में कछुआ की चाल से कार्य करने के उपरांत अब अधूरा ही छोड़ दिया गया है, जिसका खामियाजा आज नगर के लोगों को भोगना पड़ रहा है कि आज धार्मिक पर्व में भी नाली के गंदे पानी के ऊपर से चल कर हाथ में पूजन की थाली कुमकुम चंदन पुष्प आदि लेकर देवी देवताओं के पूजन पाठ करने जाना पड़ता है।शिकायतों के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा तात्कालिक व्यवस्था तो बना दी जाती है किंतु दो दिनों बाद स्थिति ज्यों की त्यों हो जाती है।
भारी वाहनों की आवाजाही से नागरिक परेशान
मुख्य मार्ग को सुरक्षित रखने स्थानीय प्रशासन द्वारा अंधा मोड़ से भारी वाहनों की आवाजाही का मार्ग प्रशस्त किया गया है। जहां भारी भरकम भारी वाहनों से लोगों का जनजीवन दुश्वार हो चुका है। अल्प वर्षा में कीचड़ से शनि सडक़ एवं धूप में धूल से लोग परेशान हो रहे हैं । रहवासी क्षेत्र से निकलने वाले भारी वाहनों का तीव्र गति से निकलने के कारण छोटे-छोटे बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो चुका है। कलेक्टर से जन अपेक्षा है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए। ठेकेदार की अनियमितता की जांच के आदेश कर कार्यवाही के आदेश दिए जाएं।






