भोपालमध्य प्रदेश

शिशु और मातृ मृत्यु दर घटाने जमीनी स्तर पर तेज होगा अभियान संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में दिए समन्वित कार्रवाई के निर्देश भोपाल

Campaign to reduce infant and maternal mortality rates to be intensified at the grassroots level Divisional Commissioner Karmveer Sharma issues directives for coordinated action during a joint meeting of the Health and Women & Child Development departments Bhopal

शिशु और मातृ मृत्यु दर घटाने जमीनी स्तर पर तेज होगा अभियान

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में दिए समन्वित कार्रवाई के निर्देश

भोपाल यश भारत। शिशु मृत्यु दर आईएमआर और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में प्रभावी कमी लाने के लिए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को जमीनी स्तर पर अभियान चलाकर परिणामोन्मुखी कार्य करने होंगे। यह निर्देश संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने शुक्रवार को संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित दोनों विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए। संभागायुक्त ने कहा कि 14 जुलाई से शुरू होने वाले दस्तक अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने जिला स्तर पर सीडीपीओ बीएमओ तथा डीपीओ सीएमएचओ की संयुक्त बैठकें आयोजित कर विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम के बीच आपसी तालमेल मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में टीकाकरण गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों में आ रही विसंगतियों को दूर करने दस्तक अभियान डायरिया नियंत्रण एनआरसी भर्ती तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मानकों की संयुक्त निगरानी करने के निर्देश दिए गए । संभागायुक्त ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का शुरुआती चरण में शत प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और सभी चार एएनसी जांच समय पर कराई जाएं। हाई रिस्क और गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवतियों की विशेष निगरानी कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए ताकि मातृ मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव बढ़ाने और नवविवाहित महिलाओं व शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य ट्रैकिंग पर भी जोर दिया। कुपोषण उन्मूलन को लेकर संभागायुक्त ने अत्यधिक एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के कारणों का विस्तृत अध्ययन कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही आरबीएसके टीमों द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर्यवेक्षकों की सतत मॉनिटरिंग तथा सीएसआर स्वयंसेवी संस्थाओं रेडक्रॉस और समाज के सहयोग से विशेष पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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