विलायतकला में शराब दुकान हटाने एवं बअवैध बिक्री के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीन दिन में कार्रवाई न होने पर आबकारी कार्यालय और थाने में तालाबंदी की चेतावनी

कटनी, यशभारत। कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियम विरुद्ध संचालित शराब दुकान और क्षेत्र के गांवों में धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार की शाम क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्टर आशीष तिवारी के नाम एक शिकायती ज्ञापन बड़वारा तहसीलदार को सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आबकारी विभाग के कार्यालय की तालाबंदी करेंगे और बड़वारा थाने के सामने उग्र धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
हाईवे के बीच दुकान, आए दिन हो रहे हादसे
कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि विलायत कला ग्राम में स्थित शराब दुकान पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही है। यह दुकान नेशनल हाईवे 43 और स्टेट हाईवे के ठीक मध्य में स्थित है। मुख्य मार्ग और व्यस्ततम इलाका होने के कारण यहाँ शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस दुकान की वजह से क्षेत्र के राहगीरों और ग्रामीणों के जान-माल पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस दुकान की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसे तत्काल किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
गली-गली पैर पसार रहा अवैध शराब का कारोबार, युवा हो रहे बर्बाद
सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने क्षेत्र में सक्रिय शराब माफियाओं के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बताया कि बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग डेढ़ दर्जन गांवों में गली-गली अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से भजिया, भुड़सा, परसेल, बिजौरी, कोड़ो सलैया, गुड़ा, बड़ा गुड़ा, देवरी, खरहटा विलायत खुर्द, लोहरवारा, पथवारी और झरेला
ग्रामीणों का आरोप है कि इन गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण स्कूल जाने वाले नाबालिग बच्चे और युवा गंभीर नशे की चपेट में आ रहे हैं। इस अवैध कारोबार के चलते शांत ग्रामीण इलाकों में आपराधिक घटनाओं और आपसी विवादों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, जिससे माताओं-बहनों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र के नागरिकों द्वारा पूर्व में भी कई बार ज्ञापन के माध्यम से इस गंभीर समस्या से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन खेद का विषय है कि आज दिनांक तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस संबंध में कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इसी निष्क्रियता के कारण शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उक्त गांवों में चल रही अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और विलायत कला की नियम विरुद्ध दुकान को 3 दिवस के भीतर अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। यदि तय समय सीमा में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र के हजारों ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।








