भोपालमध्य प्रदेश

वक्फ बोर्ड खत्म करने की मांग, राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की तैयारी भारतीय गण वार्ता पार्टी बोली समान कानून व्यवस्था के लिए हो व्यापक समीक्षा

Demand to Abolish Waqf Board; Preparations Underway to Submit Memorandum to the President Bharatiya Gan Varta Party Calls for Comprehensive Review to Ensure a Uniform Legal Framework

वक्फ बोर्ड खत्म करने की मांग, राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की तैयारी

भारतीय गण वार्ता पार्टी बोली समान कानून व्यवस्था के लिए हो व्यापक समीक्षा

भोपाल, यश भारत। भारतीय गण वार्ता पार्टी ने वक्फ बोर्ड व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाते हुए इसकी व्यापक संवैधानिक और प्रशासनिक समीक्षा कराने की अपील की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाकांत शुक्ला ने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए समान प्रशासनिक एवं कानूनी व्यवस्था लागू होना राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के हित में आवश्यक है । शुक्ला ने कहा कि वक्फ बोर्ड की संवैधानिक आवश्यकता और इसकी वर्तमान प्रासंगिकता पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी विशेष धार्मिक संस्था को अलग कानूनी अधिकार और संपत्ति संबंधी विशेष प्रावधान दिए जाने से समाज में असमानता की भावना उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने इस विषय पर व्यापक राष्ट्रीय विमर्श कर निर्णय लेने की आवश्यकता जताई। पार्टी ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उनसे जुड़े भूमि विवादों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। आरोप लगाया गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में वक्फ संपत्तियों के विस्तार और संपत्ति संबंधी विवादों को लेकर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में वक्फ संपत्तियों की राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और सत्यापन कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। शिवाकांत कांत शुक्ला ने कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े लंबे समय तक चलने वाले न्यायालयीन विवाद न्याय व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया के अभाव में संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किए जाने से आम नागरिकों किसानों और अन्य संस्थाओं को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। भारतीय गण वार्ता पार्टी ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मांग की है कि वक्फ बोर्ड व्यवस्था की ऐतिहासिक प्रशासनिक और संवैधानिक समीक्षा कर इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा कराई जाए तथा जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।

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