मध्य प्रदेशराज्य

लापता हुए भारतीय सेना के जवान का शव 6 दिन बाद बरामद : डैम में तेज बहाव में बहे, क्षेत्र में शोक

रीवा । जिले में सिलपरा डैम में लापता हुए भारतीय सेना के जवान गौरव द्विवेदी (28) का शव आखिरकार 6 दिन बाद बरामद कर लिया गया। इस दुखद घटना ने पूरे जिले को शोक में डुबो दिया था। जवान छुट्टी पर अपने गृह ग्राम आए हुए थे। इसी दौरान वे अपने भाई-बहन के साथ सिलपरा डैम क्षेत्र में घूमने गए थे, जहां नहाने के दौरान वे गहरे पानी में चले गए और बहाव तेज होने के कारण गौरव बह गए थे।

पिछले बुधवार यानी 3 जून को हुई इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, एसडीईआरएफ और बचाव दलों ने लगातार कई दिनों तक तलाश अभियान चलाया। यहां तक कि वाराणसी से आई विशेषज्ञ टीमों ने भी ऑपरेशन में हिस्सा लिया, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण जवान का कोई सुराग नहीं मिल सका।

 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की यूनिट को सूचना दी गई, जिसके बाद आगरा से 411 पैरा ब्रिगेड की विशेष कमांडो टीम रीवा पहुंची। टीम ने आधुनिक ड्रोन तकनीक और विशेष उपकरणों की मदद से मात्र दो घंटे के भीतर जवान के शव की लोकेशन का पता लगा लिया। हालांकि उस समय डैम में पानी का स्तर अधिक होने और टरबाइन के दबाव के कारण शव तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया था।

कमांडो टीम का नेतृत्व कर रहे कप्तान ने बताया कि स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर नहर का जलस्तर कम कराया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह लगभग 5 बजे से दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और करीब 8 बजे जवान के शव को बाहर निकाल लिया गया।

घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। उनका कहना है कि यदि आधुनिक तकनीक और विशेष संसाधन पहले उपलब्ध कराए गए होते तो संभवतः ऑपरेशन जल्द पूरा हो सकता था। पूर्व सैनिकों ने सवाल उठाया कि आपदा एवं बचाव कार्यों के लिए जिम्मेदार एजेंसियों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जाना चाहिए, ताकि हर गंभीर स्थिति में सेना पर निर्भरता न रहे।

आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण लगा समय

वहीं सैनिक कल्याण एवं सैनिक बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय बचाव एजेंसियों के पास पर्याप्त आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण जवान का पता लगाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सेना की विशेष टीम के पास उपलब्ध उन्नत ड्रोन और तकनीकी संसाधनों ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

जवान के शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और लोगों की आंखें नम हैं। इस घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों और संसाधनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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