लल्लू भैया की तलैया का अस्तित्व मिटने की कगार पर, भू-माफिया की गिद्धदृष्टि बेशकीमती जमीन पर, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी, राजस्व रिकार्ड में आम जनता के लिए निस्तार मद में दर्ज है तलैया

कटनी, यशभारत। प्रशासनिक उदासीनता और रूपए कमाने की लालच के चलते कटनी की ऐतिहासिक विरासत लल्लू भैया की तलैया का अस्तित्व मिटने की कगार पर पहुंच गया है। कतिपय भू-माफिया की गिद्ध दृष्टि इस बेशकीमती जमीन पर पड़ गई है। सूत्रों की मानें तो लल्लू भैया की तलैया की अरबों रूपए की जमीन पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर ली गई है। प्रशासन द्वारा जहां एक तरफ गर्मी को ध्यान में रखते हुए बोरिंग के खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है और जलस्त्रोतों के संरक्षण की दिशा में काम किया जा रहा है तो वहीं लल्लू भैया की तलैया पर कब्जा करने की होड़ शुरू हो गई है। एक समय था, जब लल्लू भैया की तलैया में पानी लबालब भरा रहता था और यहां आसपास रहने वाले लोगों का निस्तार होता था। रक्षाबंधन के मौके पर ऐतिहासिक कजलियां मेले का भी आयोजन होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। कतिपय भू-माफिया की गिद्ध नजर तलैया की बेशकीमती जमीन पर है। भू-माफिया को न तो उच्च न्यायालय के निर्देशों की परवाह है और न ही शासन के नियमों की चिंता। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा एक जनहित याचिका में लल्लू भैया की तलैया में किसी भी प्रकार के निर्माण और विकास कार्य पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय पारित किया गया है।
कलेक्टर को दिया डायरेक्शन
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कलेक्टर कटनी को दिए गए डायरेक्शन में कहा है कि तलैया को न तो पूरा जाए और न ही निर्माण किया जाए। यह तलैया आम जनता के लिए निस्तार के लिए है। यह मामला अभी भी माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है, इसके बाद भी तलैया को पूरने का काम तेजी के साथ चल रहा है। जानकारी के मुताबिक लल्लू भैया की तलैया को पाटकर यहां कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी जोरों पर की जा रही है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए उमरिया निवासी एक व्यक्ति द्वारा लल्लू भैया की तलैया को पाटने का काम किया जा रहा है। यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।
शो-पीस बना नगर निगम का बोर्ड
वैसे तो नगर निगम प्रशासन ने यहां आम निस्तार का बोर्ड भी लगा रखा है लेकिन यह केवल शो-पीस बनकर रह गया है। लल्लू भैया की तलैया की हालत किसी कचरा घर से कम नजर नहीं आ रही। आसपास के दुकानदारों द्वारा यहां कचरा फेंका जा रहा है और हर दिन थोड़ा-थोड़ा मलमा डालकर तलैया का अस्तित्व मिटाने की तैयारी की जा रही है। करीब एक दशक पुरानी लल्लू भैया की तलैया राजस्व रिकार्ड में आम जनता के निस्तार मद पर दर्ज है। रिकार्ड के मुताबिक 1905 के पहले यह तलैया पानी मद में दर्ज थी। यहां कई दशकों से कजलिया मेले का आयोजन होता आ रहा है।
निस्तार मद कटवाने की जद्दोजहद
सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि तत्कालीन एसडीएम बलवीर रमन और तहसीलदार मुनव्वर खान ने लल्लू भैया की तलैया की जमीन को राजस्व रिकार्ड में आम जनता के निस्तार मद में दर्ज किया था। यहां रात के समय तलैया को पूरने का प्रयास किया जा रहा था। जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। बताया जाता है कि लीलाराम एंड फर्म के कतिपय व्यक्तियों द्वारा लल्लू भैया की तलैया की जमीन को राजस्व रिकार्ड में आम जनता के निस्तार मद से हटाने के लिए भरसक कोशिश की जा रही है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से गुपचुप तरीके से संपर्क भी किया जा रहा है।







