पहचान पत्र के बिना नहीं मिलेगा लॉज में कमरा : संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने संचालकों को दिए कड़े निर्देश

मंडला, यशभारत ।पुलिस प्रशासन इन दिनों जिले की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए कड़ा रुख अपनाए हुए है। पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन एवं एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली और महाराजपुर पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा शहर के विभिन्न होटलों और लॉज का औचक निरीक्षण किया गया। एवं शहर में संचालित सभी होटलों एवं लॉजों के कर्मचारियों, मालिकों तथा संचालकों को सख्ता हिदायत भी दी गई कि बिना वेलिड दस्तांवेज के किसी को भी कमरा उपलब्धल न कराया जाये साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखते हुए तुरंत पुलिस को जानकारी देने को कहा गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जिले में हो रहे विभिन्नं प्रकार के अपराधों पर नियंत्रण करना और संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम करना है।
रजिस्टर मेंटेनेंस और पहचान पत्र की अनिवार्यता
निरीक्षण के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने होटल और लॉज के रिकॉर्ड रजिस्ट र भी खंगाले। थाना प्रभारियों ने शहर के सभी होटल एवं लॉज संचालकों को सख्त हिदायत भी दी कि किसी भी परिस्थिति में बिना वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी) के किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध न कराया जाए। पुलिस ने जोर देकर कहा कि पहचान पत्र की फोटो में चेहरा स्पष्ट होना चाहिए और रजिस्टर में ठहरने वाले व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं पहचान संबंधी अन्य जानकारियां अनिवार्य रूप से दर्ज होनी चाहिए।
संदिग्धों की सूचना देने के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने होटल संचालकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। संचालकों से कहा गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में मिलता है या उसकी गतिविधियां असामान्य प्रतीत होती हैं, तो इसकी तत्काल सूचना नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर दें। ताकि संभावित दुर्घटनाओं को समय पर रोका जा सके एवं शहर की शांति व्यनवस्थाल बनाये रखी जा सके।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन मुस्तैद
पुलिस की इस सघन चेकिंग से होटल संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति रही। इस अभियान के पश्चाेत यदि कोई होटल या लॉज संचालक बिना पहचान पत्र के किसी व्यडक्ति को कमरा देता है तो पुलिस के द्वारा संचालक के खिलाफ दण्डांत्महक कार्यवाही भी की जायेगी जिसकी जवाबदारी संचालक की होगी। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके।







