सतना, यश भारत।जिले के ग्रामीण क्षेत्र में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब मामा ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने डूबते भांजे की जान बचा ली। इस बहादुरी भरे प्रयास से 13 वर्षीय बालक को नया जीवन मिल गया। फिलहाल बालक का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, निक्की यादव (13 वर्ष), पिता संतोष यादव, निवासी टिकुरिया टोला थाना कोलगवां, इन दिनों अपने ननिहाल मौहर गांव में रह रहा था। शनिवार सुबह वह पास के जवारे सेरवाने गांव स्थित तालाब पर गया हुआ था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह डूबने लगा, जिससे मौके पर मौजूद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
भांजे को डूबता देख उसके मामा नरेंद्र यादव ने बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी। जोखिम भरे हालात में उन्होंने काफी मशक्कत के बाद बालक को पानी से बाहर निकाला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण निक्की बेहोश हो गया था।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने उसे जिला अस्पताल सतना पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते किए गए रेस्क्यू और अस्पताल पहुंचाने से बालक की जान बच पाई।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि संकट की घड़ी में साहस, त्वरित निर्णय और अपनों के प्रति समर्पण किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाल सकता है।
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