मित्तल नगर में 20 लाख की चोरी, वारदात से सनसनी, इलाके में लगातार हो रही वारदातों से लोग दहशत में

कटनी, यशभारत। शहर के पॉश इलाकों में शुमार मित्तल नगर में हुई 20 लाख रुपये की भीषण चोरी की वारदात ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। एक तरफ जहां पीड़ित परिवार अपनी गाढ़ी कमाई के जेवर लुटने के सदमे में है, वहीं खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हद तो तब हो गई जब घटना के तीन दिन बाद वही संदिग्ध आरोपी दोबारा उसी इलाके में घूमते नजर आए, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। मामला कुठला थाना क्षेत्र के मित्तल नगर (मकान नंबर 127) का है। यहां रहने वाले रोहित गुप्ता की माता जी 18 अक्टूबर की रात अष्टमी के पावन पर्व पर दुर्गा दर्शन के लिए घर में ताला लगाकर गई थीं। चोरों ने इसी सूनेपन का फायदा उठाया और घर का ताला तोड़कर लगभग 9 तोला सोना, 2 किलो चांदी और अन्य कीमती सामान पार कर दिया। कुल मिलाकर 20 लाख की इस बड़ी चोरी ने शहर में कानून व्यवस्था की हवा निकाल दी है। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई, कुठला थाने में एफआईआर दर्ज हुई, फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार ने सोने-चांदी के पक्के बिल तक पुलिस के हवाले कर दिए। इसके बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों के गिरेबान तक नहीं पहुंच पाई है। कागजी कार्रवाई और खानापूर्ति के अलावा जमीन पर कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। पुलिस की ढिलाई का ही नतीजा है कि बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दोबारा उसी इलाके में सक्रिय हो गए। 21 अक्टूबर को कॉलोनी के सतर्क लोगों ने उन्हीं तीन संदिग्धों को फिर से मित्तल नगर में घूमते हुए देखा और खदेड़ा। इस घटना के बाद से स्थानीय रहवासियों में भारी दहशत और आक्रोश है।
लोगों का कहना है कि जब चोरी के तीन दिन बाद भी संदिग्ध खुलेआम घूम रहे हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही नींद से जागकर आरोपियों का सुराग नहीं लगाया और क्षेत्र में पुलिस गश्त तेज नहीं की, तो जनता उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। सवाल यह है कि आखिर कब तक कटनी पुलिस बड़ी वारदातों के बाद सिर्फ लीपापोती करती रहेगी?





