छपरा पहरुआ रेलवे स्टेशन का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए
क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक में आशीष शुक्ला ने रखे पमरे महाप्रबंधक के समक्ष अनेक मुद्दे

जबलपुर यशभारत। पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर में आज आयोजित क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक में समिति सदस्यों ने रेल यात्रियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और सुविधाओं को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे। बैठक की अध्यक्षता पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने की। इस दौरान उक्त समिति सदस्य आशीष शुक्ला ने छपरा पहरुआ रेलवे स्टेशन का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाने के विचार रखे गए। इसके साथ ही सिहोरा रोड एवं डुंडी रेलवे स्टेशनों के मध्य प्रस्तावित छपरा पहरुआ रेलवे स्टेशन की घोषणा संसद में की जा चुकी है। यह स्टेशन क्षेत्र के हजारों ग्रामीण नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों एवं दैनिक यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
बैठक में आशीष शुक्ला ने कहा कि जबलपुर को पश्चिम मध्य रेल का मुख्यालय बने हुए काफी समय व्यतीत हो चुका है। यह नगर प्रशासनिक एवं भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु यहां पदस्थ उच्च अधिकारियों की उपस्थिति का अपेक्षित प्रत्यक्ष लाभ अभी तक जबलपुर एवं महाकौशल क्षेत्र को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो सका है। किसी भी अधिकारी की पहचान केवल नियमित प्रशासनिक कार्यों अथवा औपचारिक उत्तरों से नहीं होती, बल्कि वह तब स्थायी छाप छोड़ता है जब वह नवाचारपूर्ण सोच के साथ क्षेत्र के विकास हेतु विशेष उपलब्धियाँ अर्जित करे तथा अपने प्रभाव से जनता को अतिरिक्त सुविधाएँ दिला सके।
यह सुझाव भी रखे गए
पमरे महाप्रबंधक के साथ हुई उक्त बैठक में श्री शुक्ल ने जबलपुर-वाराणसी वंदे भारत तीव्रगति ट्रेन प्रारंभकी जाए। इसके साथ ही जबलपुर, मंडला, डिंडोरी,
अयोध्या स्पेशल ट्रेनको नियमित किया जाए
जबलपुर एवं आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा करते हैं। वर्तमान में संचालित अयोध्या स्पेशल ट्रेन संख्या 01705/01706 को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। अतः इस ट्रेन को नियमित रूप से संचालित किए जाने हेतु रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव प्रेषित कर सकारात्मक पहल की जानी चाहिए।
कैथरा रेलवे ब्रिज निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए
जबलपुर मंडल के अंतर्गत शाहपुरा-भिटोनी क्षेत्र में कैथरा रेलवे ब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण पौंडा रेलवे फाटक पर आम नागरिकों को अत्यधिक आवागमन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अतः इस महत्वपूर्ण परियोजना की नियमित समीक्षा कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएँ।
सिवनी, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, मैहर तथा आसपास के जिलों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं यात्री प्रयागराज तथा वाराणसी की यात्रा करते हैं। धार्मिक, आध्यात्मिक, कर्मकांडीय एवं पर्यटन दृष्टि से इस मार्ग की अत्यधिक मांग है।
अतः जबलपुर से वाराणसी के मध्य वंदे भारत, शताब्दी, जनशताब्दी अथवा अन्य तीव्रगति रेल सेवा प्रारंभकी जानी चाहिए। वर्तमान में उपलब्ध ट्रेनों में आरक्षण खुलते ही लंबी प्रतीक्षा सूची बन जाती है तथा जबलपुर के
यात्रियों हेतु उपलब्ध कोटा भी पर्याप्त नहीं है। वाराणसी देश का प्रमुख धार्मिक नगर होने के साथ-साथ प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है, इसलिए इस दिशा में बेहतर एवं तीव्र रेल संपर्क स्थापित करने के लिए सकारात्मक पहल अपेक्षित है। उन्होंने बैठक में कहा कि महाकौशल एवं छत्तीसगढ़ क्षेत्र के मध्य व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक कारणों से यात्रियों का निरंतर आवागमन बना रहता है। बालाघाट मार्ग से जबलपुर-रायपुर वंदे भारत ट्रेन प्रारंभ होने से इस पूरे क्षेत्र को अत्यंत लाभ प्राप्त होगा।
जबलपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास शीघ्र कराया जाए
उन्होंने कहा कि देश के अनेक रेलवे स्टेशनों का आधुनिक स्वरूप में पुनर्विकास किया जा चुका है, किंतु पश्चिम मध्य रेल के मुख्यालय नगर जबलपुर का स्टेशन अभी भी अपेक्षित स्तर का विकास प्राप्त नहीं कर सका है।नये महाप्रबंधक की सक्रियता एवं प्रभावशाली नेतृत्व का लाभ जबलपुर को प्राप्त हो तथा स्टेशन पुनर्विकास परियोजना शीघ्र पूर्ण हो, ऐसी जनअपेक्षा है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि स्टेशन के अंतिम स्वरूप के निर्धारण में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों के सुझावों को भी महत्व दिया जाए, जिससे यह स्टेशन वास्तव में जनोपयोगी बन सके। उक्त इस परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएँ शीघ्र पूर्ण कराई जाएँ तथा स्टेशन निर्माण एवं संचालन की कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ कराया जाए, जिससे क्षेत्र की लंबे समय से लंबित जन-अपेक्षा पूरी हो सके। उम्मीद है कि उपर्युक्त सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा पश्चिम मध्य रेल के मुख्यालय नगर जबलपुर एवं महाकौशल क्षेत्र को उसकी आवश्यकता एवं महत्ता के अनुरूप रेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी पहल की जाएगी। महाप्रबंधक ने सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए







