मध्य प्रदेशराज्य
बड़ी खबर : 58 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन जर्जर ,टपकती छत के नीचे पढ़ाई, कालपी में छात्रा के सिर पर गिरा प्लास्टर

मंडलाl ज़िले में शिक्षा विभाग के उन दावों की पोल खुल गई है, जिनमें कहा गया था कि ज़िले में कोई भी स्कूल भवन जर्जर नहीं है। हक़ीक़त यह है कि कई स्कूल भवन बेहद खराब हालत में हैं, जहां बच्चों को जान जोखिम में डालकर पढ़ना पड़ रहा है। कालपी के सांदिपनी स्कूल में बुधवार को एक हादसा हुआ, जब छत का प्लास्टर गिरने से एक बच्ची घायल हो गई। स्कूल के प्राचार्य ने तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया। सहायक आयुक्त, जनजाति कार्य विभाग, वंदना गुप्ता ने घटना की पुष्टि की और बताया कि इंजीनियरों को भवन की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जल्द ही छात्रों को नए भवन में शिफ़्ट करने की बात कही है। निवास के बिसनपुरा प्राथमिक शाला में बच्चे जर्जर भवन और टपकती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षकों की कई शिकायतों के बावजूद मरम्मत का कोई काम नहीं हुआ है। इसके अलावा हवेली हायर सेकंडरी स्कूल, बम्हनी बंजर, जो 80 साल पुराना है, उसकी छत और दीवारें इतनी कमज़ोर हो चुकी हैं कि कई कमरों को बंद करना पड़ा है।
ज़िला परियोजना समन्वयक अरविंद विश्वकर्मा ने बताया कि ज़िले में 58 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन जर्जर हैं, जिनके लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि इन भवनों में कक्षाएं नहीं लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सर्व शिक्षा अभियान के असिस्टेंट इंजीनियर के मुताबिक़, ज़िले के करीब 580 स्कूलों में मरम्मत की ज़रूरत है, जिनमें से 15 स्कूलों के लिए ज़िला खनिज मद से मंज़ूरी मिल चुकी है।







