बड़ी खबर : 50 करोड़ का फर्जीवाड़ा : ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण

रीवा। शहडोल एवं रीवा संभाग के तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी विनय कुमार श्रीवास्तव द्वारा किए गए 50 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करोड़ों रुपए के टेंडर की राशि को दस गुना बढ़ाकर एक ही संविदाकार को लाभ पहुंचाने की हुई शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री विनय कुमार श्रीवास्तव द्वारा रीवा एवं शहडोल संभाग में कई ऐसे कार्य किए गए हैं जो शासन के नियम विरुद्ध हैं। कई ऐसे भी कार्य हैं जो कराए ही नहीं गए और अपने निजी स्वार्थ के लिए चहेते ठेकेदारों को भुगतान किया गया है। खास बात यह है कि मप्र शासन द्वारा निर्धारित एसओआर में उन प्रत्येक आइटमों का समावेश रहता है जो संबंधित विभाग में कार्य संपादन हेतु आवश्यक होते हैं। किंतु नॉन एसओआर आइटम या पीडब्ल्यूडी के एसओआर में वर्णित न होने पर भी क्रय किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला द्वारा की गई शिकायत के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रीवा में प्रकरण क्रमांक 441/25 पंजीबद्ध कर पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।
1 लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री द्वारा शहर के सिरमौर चौराहा शांति बिहार मोड़ से जेपी मोड़ पड़रा तक 33 केवी लाइन वृद्धि में 600 मीटर 16 लाख का काम दर्शाया गया है। यही काम एसटीसी से हुआ है और इसी काम को डीपीसी विधायक फण्ड से भी किया गया। इसी प्रकार रीवा शहर में आदित्य होटल से रतहरा लाइन शिफ्टिंग का काम कराया गया इसमें भी एजेंसियों को निजी लाभ पहुंचाया गया है।
2. गुप्ता पेट्रोल पम्प से करहिया मंडी लाइन शिफ्टिंग का कार्य रायपुर, मनिकवार, सीतापुर, पन्नी रोड लाइन शिफ्टिंग का कार्य कराया गया। इस कार्य में भी व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया है।
3. नेशनल ट्रेडर्स-1
गुप्ता पेट्रोल पम्प चिन्मय आश्रम एग्रीमेंट नंबर 30-20-21 पीएसी 3935872 में 41.55 प्रतिशत बिलो पर राशि 23 लाख 517 को पुनरीक्षित कर 231.99 परसेंट अधिक किया गया और उसका भुगतान कर दिया गया। ताज्जुब की बात है कि बढ़ी हुई राशि की बैंक गारंटी भी नहीं दी गई।
4. नेशनल ट्रेडर्स-2 समान तिराहा से रेलवे तिराहा में आरओबी के लाइट शिफ्टिंग में ठेके की राशि 3 करोड़ 7 लाख 45 हजार 863 में 42.1 परसेंट बिलो था, जिसे 31.18 परसेंट बढ़ाकर 4 करोड़ 3 लाख 30 हजार 601 रुपए किया गया और उसे फिर से 10 परसेंट पुनरीक्षित कर 4 करोड़ 97 लाख 75 हजार 290 रुपए कर दिया गया।
पूरे मामले में ईओडब्ल्यू रीवा ने शिकायत के आधार पर लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी में किए गए टेंडरों की जांच शुरू कर दी है।
इन्होंने कहा…..
लोक निर्माण विद्युत यांत्रिकी में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री द्वारा करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला द्वारा की गई थी। शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में अगर सच्चाई सामने आएगी तो एफआईआर दर्ज किया जाएगा।
अरविंद सिंह ठाकुर, एसपी ईओडब्ल्यू रीवा







