भोपालमध्य प्रदेश

दुर्गा विसर्जन में बजाये डीजे 28 संचालकों पर केस दर्ज 

दुर्गा विसर्जन में बजाये डीजे 28 संचालकों पर केस दर्ज 

भोपाल,यशभारत। राजधानी भोपाल में दुर्गा विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शहरभर में तेज आवाज में माता के गाने बजाने वाले 28 डीजे वाहनों पर पुलिस ने केस दर्ज कर उन्हें जब्त किया है। यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियमों के तहत की गई है।

कार्रवाई पर उठे सवाल: ‘नेताओं को छूट, धार्मिक आयोजनों पर रोक’
पुलिस की इस कार्रवाई पर आम जनता और आयोजकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि पुलिस केवल धार्मिक आयोजनों जैसे दुर्गा विसर्जन और गणेशोत्सव में ही सख्ती दिखाती है, जबकि नेताओं के आयोजनों, रैलियों और जुलूसों में तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर बजाने पर किसी तरह की रोक या कार्यवाही नहीं होती।
स्थानीय नागरिक अमित कनाड़े  ने कहा, “पूजा-त्योहारों पर हमें नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन जब नेताओं की रैली निकलती है, तब ये नियम कहां चले जाते हैं? यह धार्मिक आयोजनों के प्रति भेदभाव है।”पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय और जिला कलेक्टर द्वारा तय किए गए ध्वनि प्रदूषण की गाइडलाइन के तहत की जा रही है।

निर्धारित सीमा का उल्लंघन: नियम के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे समेत सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, और दिन में भी निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा: अत्यधिक तेज आवाज से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, और यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी बाधा डालता है। कुछ रिपोर्ट्स में पहले डीजे के तेज शोर से अप्रिय घटनाएं होने की बात भी सामने आ चुकी है, जिसके कारण प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियम सभी आयोजनों के लिए समान हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संचालक पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button