ई-व्हीकल चार्जिंग पर सख्ती : 16 मामलों में 2.6 लाख जुर्माना

दमोह। जिले में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के चलते अब बिजली विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। अवैध चार्जिंग पर लगाम कसने के लिए 21 अप्रैल को विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें 16 मामलों में कुल ₹2.6 लाख का जुर्माना वसूला गया।
4 हजार से ज्यादा ई-व्हीकल, बढ़ा लोड आरटीओ से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में इस समय 4,272 इलेक्ट्रिक वाहन संचालित हैं। इनमें ई-रिक्शा, ई-कार और स्कूटी की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
क्या मिली गड़बड़ियां? जांच के दौरान कई उपभोक्ता बिना वैध कनेक्शन या बिना लोड बढ़ाए ही वाहनों की चार्जिंग करते पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की।
विभाग की सख्त चेतावनी बिजली विभाग ने साफ कहा है—
बिना वैध कनेक्शन चार्जिंग करना गैरकानूनी है
ट्रांसफार्मर या केबल को नुकसान होने पर “सिस्टम डेमेज चार्ज” वसूला जाएगा
जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त भी किया जा सकता है
कानूनी कार्रवाई भी संभव अवैध चार्जिंग पर विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 139 के तहत केस दर्ज किया जा सकता है, जिसमें जुर्माना और अन्य दंड शामिल हैं।
🔌 कितना होता है लोड?
ई-स्कूटी: 500–750 वॉट
ई-रिक्शा: लगभग 1.5 किलोवाट
ई-कार: 7.5 से 11 किलोवाट
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना लोड बढ़ाए इनका उपयोग करने से शॉर्ट सर्किट और ट्रांसफार्मर फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
आमजन से अपील अधीक्षण अभियंता ने नागरिकों से कहा है कि—वाहन खरीदने से पहले कनेक्शन का लोड बढ़वाएं, सही फेज कनेक्शन लें, अवैध चार्जिंग की सूचना तुरंत 1912 हेल्पलाइन पर दें







