“प्यार, पॉलिटिक्स और प्रॉमिस”, घमापुर थाने में इश्क का ‘इलेक्शन’!

जबलपुर यश भारत । जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र में इन दिनों एक ऐसा मामला सुर्खियों में है, जिसमें इश्क, इरादे और इलेक्शन—तीनों का तड़का लग चुका है। कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं, बस फर्क इतना है कि यहां हीरो-हीरोइन की जगह “नेतागिरी” और “नाराज़गी” आमने-सामने खड़ी है।बताया जा रहा है कि एक महिला ने खुद को “तथाकथित पावर फुल नेता” बताने वाले शख्स पर दिल तोड़ने का नहीं, बल्कि “वादाखिलाफी” का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पहले दुकान में नौकरी मिली, फिर दिल में जगह और फिर… शादी के सपने! लेकिन जैसे ही रिश्ते की “मतदान तिथि” करीब आई, नेता जी ने “नामांकन वापस” ले लिया।अब मामला सिर्फ दिल का नहीं रहा, सीधे थाने तक पहुंच गया। महिला ने आरोप लगाया कि कई बार संबंध बनाने के बाद शादी का वादा किया गया, लेकिन अंत में “राजनीतिक रणनीति” बदल गई और नेता जी ने दूरी बना ली। मामले को लेकर थाना प्रभारी दिनेश गौतम बताते हैं कि यह सब बातें पुरानी हो चुकी है ऐसा कुछ भी नहीं है.पुलिस की शुरुआती “धीमी चाल” ने मामले में और मसाला डाल दिया। जैसे ही खबर ने सियासी रंग पकड़ा, घमापुर थाने में नेताओं का ऐसा जमावड़ा लगा मानो कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही हो। एक पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष की एंट्री ने तो इस “इश्क केस” को पूरी तरह “पॉलिटिकल ड्रामा” बना दिया।थाने के अधिकारी फिलहाल इसे “पुराना मामला” बताकर ठंडा करने की कोशिश में हैं, लेकिन ऊपर से आए निर्देशों ने साफ कर दिया है कि अब “कार्रवाई की स्क्रिप्ट” भी लिखी जा चुकी है। कुल मिलाकर…यह मामला अब सिर्फ “दिल टूटा” नहीं, बल्कि “दल जुड़ा” बन चुका है। घमापुर में इश्क का ये एपिसोड साबित कर रहा है कि यहां प्यार भी बिना पॉलिटिक्स के पूरा नहीं होता!







