पुरानी और जटिल प्रक्रिया से अब मुक्ति के दिन, संपदा 2.0 में चुटकियों में मिलेगी रजिस्ट्री की कॉपी, कटनी में डिजिटाइजेशन कार्य तेज

कटनी, यशभारत । जिले के नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से जुड़ी एक राहत भरी खबर है। अब रजिस्ट्री की नकल (प्रमाणित प्रति) के लिए पंजीयन कार्यालय के चक्कर काटने और हफ्तों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से अब पुराने रिकॉर्ड भी ऑनलाइन उपलब्ध होने जा रहे हैं।
वर्तमान में जिला पंजीयन कार्यालय में वर्ष 2013 से पहले के ऑफलाइन रिकॉर्ड को स्कैन कर डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। शासन ने इस भारी-भरकम डिजिटाइजेशन कार्य को 1 अप्रैल तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक वर्ष 2013 से पहले की रजिस्ट्री की कॉपी प्राप्त करना एक श्रमसाध्य कार्य था। आवेदकों को रजिस्ट्री क्रमांक और धारक के नाम के साथ आवेदन देना पड़ता था, जिसमें स्टाम्प और नकल शुल्क मिलाकर करीब 300 रुपये खर्च होते थे। साथ ही, रिकॉर्ड खोजने और कॉपी तैयार होने में 3 से 7 दिन का समय लग जाता था। कई बार रिकॉर्ड बहुत पुराना होने पर उसे ढूंढने में अधिकारियों और आम जनता दोनों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी।
डिजिटल व्यवस्था के मुख्य लाभ
डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित हो जाएगी:
सेकंडों में डाउनलोड: संपदा 2.0 पोर्टल पर निर्धारित शुल्क जमा करते ही आवेदक कुछ ही सेकंड में प्रमाणित कॉपी डाउनलोड कर सकेंगे। कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म होगी और समय की बचत होगी। बार-बार भौतिक रूप से पुराने दस्तावेजों को निकालने से उनके फटने या क्षतिग्रस्त होने का डर रहता था। डिजिटल होने से मूल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।
अधिकारियों का मत: जिला पंजीयन कार्यालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवा प्रदान करना है। 1 अप्रैल के बाद से यह सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध होने की उम्मीद है।







