मध्य प्रदेशराज्य

बड़ी खबर : परिवहन चेक पोस्ट पर गैंग के गुर्गे कर रहे अवैध वसूली : शासन के आदेश के बावजूद गैंग सक्रिय , शासकीय अधिकारी बताकर लोडेड वाहनों से हो रही खुलेआम वसूली

वीडियो वायरल, जांच की मांग

सतना सिंगरौली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में सभी अंतर्राज्यीय परिवहन चेकपोस्टों को बंद करने के आदेश के बावजूद सिंगरौली जिले में भ्रष्टाचार का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बताया जा रहा है कि शासकीय गाड़ी में गुर्गों को बैठाकर खुलेआम मालवाहक वाहनों से अवैध वसूली की जा रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, जयंत, खनहना, करौटी और विंध्यनगर क्षेत्रों में “ गैंग” 24 घंटे सक्रिय है। ये बोलेरो वाहनों में बैठकर परिवहन चेकपोस्ट प्रभारी के नाम पर ट्रक चालकों से नकद उगाही कर रहे हैं।

प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग की शिकायतों के बाद 30 जून 2024 को आदेश क्रमांक 925/1429257/2023/आठ जारी कर 1 जुलाई 2024 से प्रदेश की सभी अंतर्राज्यीय परिवहन जांच चौकियों को बंद करने का निर्णय लिया था।

लेकिन आदेश के बावजूद सिंगरौली जिले की सीमाओं पर यह व्यवस्था कागजों में ही समाप्त हुई, जमीनी हकीकत में नहीं।

राजेश सिंह पी टीसी ग्रुप, ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों का कहना है कि जयंत, खनहना और करौटी में आज भी चेकपोस्ट की तरह वसूली जारी है। बोलेरो में बैठे लोग खुद को जांच अधिकारी बताकर ट्रकों से खुलेआम रिश्वत वसूल रहे हैं।

शासन के आदेश की खुलेआम अवहेलना

जानकारी के अनुसार, इन बोगस चेकपोस्टों पर न तो विभागीय पर्ची दी जाती है, न कोई आधिकारिक रसीद। ट्रक ड्राइवरों को खुलेआम धमकाकर नकद वसूली की जा रही है। कई ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि यदि पैसा नहीं दो तो वाहन रोक दिया जाता है या माल की जब्ती की धमकी दी जाती है।

शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर शासन के आदेशों की इतनी खुली अवहेलना कैसे हो रही है, और इन अवैध गतिविधियों के पीछे कौन से प्रभावशाली हाथ हैं?

कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग

सामाजिक संगठनों और ड्राइवर यूनियनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, परिवहन आयुक्त ग्वालियर और सिंगरौली कलेक्टर से मामले की तत्काल जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त परिवहन व्यवस्था की मंशा पर पानी फिर जाएगा।

 आदेश बेअसर क्यों?

जब शासन ने चेकपोस्ट समाप्त कर दिए, तो वसूली किसके आदेश पर?बोलेरो गैंग को कौन दे रहा संरक्षण?जिला प्रशासन की चुप्पी आखिर क्यों? सिंगरौली की यह कहानी प्रदेश के प्रशासनिक अमले के लिए एक आईना है। अब सवाल सिर्फ एक रह जाता है — आखिर कानून और शासन की ताकत किसके हाथ में है?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button