पत्नी की निजी संपत्ति पर पति का हक नहीं : हाईकोर्ट, कटनी फैमिली कोर्ट के आदेश पर स्त्रीधन लौटाने के निर्देश

कटनी, यशभारत। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि विवाह के दौरान पत्नी को प्राप्त स्त्रीधन पर पति का कोई अधिकार नहीं होता। जस्टिस विशाल धगट और जस्टिस बी पी शर्मा की डिवीजन बेंच ने कटनी फैमिली कोर्ट द्वारा तलाक मामले में स्त्रीधन पर आदेश न देने को त्रुटि माना और इसे सुधारते हुए पति को 90 दिनों के भीतर पत्नी को पूरा स्त्रीधन लौटाने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला कटनी निवासी स्वाति की अपील पर दिया गया। स्वाति की शादी 10 मार्च 2016 को कटनी के ही नितिन से हुई थी। विवाह के बाद मात्र 36 दिन ससुराल में रहने के दौरान स्वाति को दहेज के लिए प्रताडि़त किया गया, जिसके बाद वह मायके लौट आई। 22 मार्च 2018 को उन्होंने कुटुम्ब न्यायालय कटनी में तलाक का प्रकरण दर्ज कराया। फैमिली कोर्ट ने 31 अक्टूबर 2022 को तलाक मंजूर करते हुए विवाह को शून्य घोषित तो किया, लेकिन स्त्रीधन के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया। इसके खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि स्त्रीधन महिला की संपत्ति होती है और पति या ससुराल पक्ष उसका उपयोग या कब्जा नहीं रख सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वाति को विवाह में मिले उपहार एवं आभूषण उसका वैधानिक अधिकार हैं, जिन्हें लौटाना आवश्यक है।







