पंच की हत्या मामले में सरपंच पुत्र गिरफ्तार, दो महीने पहले विवाद के बाद हत्या कर दफना दी थी लाश, बाकल पुलिस को मिली सफलता

कटनी, यशभारत। बाकल पुलिस ने झरौली हत्याकांड के फरार मुख्य सरपंच पुत्र आरोपी को मुखबिरों की सूचना पर स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम भेड़ा से गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने ग्राम पंचायत पाकर पंच हत्याकांड के पूरे मामले का खुलासा कर दिया है।
बाकल थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि ग्राम झरौली निवासी प्रहलाद राजपूत ग्राम पंचायत पाकर में ग्राम झरौली के वार्ड नंबर 9 से पंच था। 2 अगस्त को अपने घर झरौली से सब्जी लेने के लिये पाकर बाजार आया था, जिसके घर वापस न पहुंचने पर परिजनों द्वारा बहोरीबंद थाने में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके बाद 15 अगस्त को खिरका भटिया ग्राम मसंधा में एक अज्ञात मानव कंकाल पत्थरों से ढका हुआ मिला। मामले की विवेचना के दौरान डीएनए परीक्षण रिपोर्ट से उक्त मानव कंकाल प्रहलाद राजपूत निवासी झरौली का होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार एवं परिजनों के संदेह पर संदेही अनिल लोधी, रोशन लोधी एवं दीपक लोधी से पूछताछ की। जो अपने दो अन्य साथी गुड्डू उर्फ रूपचंद लोधी एवं खिल्लू उर्फ वीरेन्द्र लोधी के साथ घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पकड़े जाने के डर से प्रहलाद की लाश को मसंधा के जंगल में छिपा दिया। तीन आरोपियों अनिल लोधी, रोशन लोधी एवं दीपक लोधी को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। प्रकरण में आरोपी खिल्लू उर्फ वीरेन्द्र लोधी ने सिहोरा थाना क्षेत्र अन्तर्गत आम बगिया में फांसी लगाकर आत्महत्या कदर ली थी। गुड्डू उर्फ रूपचंद लोधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को जेल भेजा गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिल जप्त की है।
पंचायत में निर्माण कार्य को लेकर विवाद
थाना प्रभारी ने बताया है कि प्रहलाद सिंह 2 अगस्त को पाकर स्थित साप्ताहिक बाजार करने गया था। पंचायत में निर्माण कार्य को लेकर सरपंच पुत्र गुड्डू उर्फ रुपचंद लोधी और साथियों के बीच विवाद हो गया था। जिसके बाद बाजार में पंच और उनके बीच बहुत ज्यादा वाद विवाद हुआ था। इसके पश्चात मृतक मौके से अपने घर झरौली चला गया था। जिसके बाद सरपंच पुत्र के साथियों ने फोन करके उसके प्लाट पर बुलाया था, जहां गाली गलौज के बाद फिर मारपीट हो गई थी। मारपीट के दौरान प्रहलाद सिंह की मौत हो गई थी। जिसके बाद चारों आरोपियों ने मृतक को मंशधा ले जाकर सुनसान जगह पर दफना दिया।






