राष्ट्रीय सम्मेलन NAPCON-2026 में विमोचित हुई डॉ. दीपक शुक्ला की पुस्तक ‘हर सांस के साथ’
फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर जीवन जीने की राह दिखाएगी पुस्तक

जबलपुर, यश भारत। चिकित्सा विज्ञान और साहित्य के समन्वय से मरीजों को जागरूक करने की दिशा में जबलपुर के चिकित्सक डॉ. दीपक शुक्ला ने महत्वपूर्ण पहल की है। उनकी लिखी पुस्तक ‘हर सांस के साथ’ का कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय पल्मोनोलॉजी सम्मेलन NAPCON-2026 के मंच पर विमोचन किया गया। इस उपलब्धि को जबलपुर के चिकित्सा जगत के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शुक्ला ने यह पुस्तक विशेष रूप से इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएलडी) से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों के लिए तैयार की है। इसमें बीमारी के उपचार और दवाइयों के साथ मरीज की दिनचर्या, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
पुस्तक की खासियत इसकी सरल और सहज प्रस्तुति है। प्रत्येक विषय को कहानी, विज्ञान और अभ्यास के तीन हिस्सों में समझाया गया है, ताकि जटिल चिकित्सकीय जानकारियां भी आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकें। इसमें ऑक्सीजन थेरेपी, व्यायाम, पोषण, नींद, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन और बीमारी के अंतिम चरण में बेहतर देखभाल जैसे विषय शामिल हैं। डॉ. शुक्ला का मानना है कि चिकित्सा का उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि मरीज को उसके साथ बेहतर और सम्मानजनक जीवन जीने का आत्मविश्वास देना भी है। उन्होंने पुस्तक को उन मरीजों और परिवारों के लिए एक प्रयास बताया, जो गंभीर बीमारी के बीच नई उम्मीद तलाश रहे हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन में पुस्तक का विमोचन मरीज-केंद्रित चिकित्सा और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में जबलपुर की उल्लेखनीय उपलब्धि है।







