कटनीमध्य प्रदेश

नशे से दूरी, है जरूरी…अभियान के दौरान जिले में बढ़ गई शराब की बिक्री, बियर 4.47 प्रतिशत, विदेशी शराब की खपत 10.89 प्रतिशत बढ़ी, देशी शराब की बिक्री 18 प्रतिशत गिरी

कटनी, यशभारत। जिले की पुलिस ने पिछले महीने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से 15 दिवसीय अभियान  नशे से दूरी है जरूरी चलाया था। 15 से 30 जुलाई तक चले इस अभियान में जिले के सभी थानों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और लोगों को नशे से दूर रहने की समझाइश देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए। आंकड़े बताते हैं कि इस अभियान का जिले में विदेशी शराब और बियर प्रेमियों पर कोई असर नहीं दिखा। अभियान के दौरान विदेशी शराब की बिक्री 10.89 प्रतिशत और बियर में 4.47 प्रतिशत का इजाफा हुआ। हालांकि देशी शराब पीने वालों पर पुलिस की समझाइश का असर जरूर दिखा और इसकी बिक्री में करीब 18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यह खुलासा पिछले वर्ष के आंकड़ों 15 से 31 जुलाई से इस वर्ष इसी अवधि के आंकड़ों की तुलना में सामने आया। आबकारी विभाग के आंकड़ों में साफ देखा जा सकता है कि बियर और विदेशी मदिरा पीने वालो की संख्या बढ़ी है। कटनी जिला ही नहींए पूरे प्रदेश में उपभोक्ता और रिटेलर की पसंद पर निर्भर करती है। उपभोक्ता क्या पीना पसंद करता है और रिटेलर क्या बेचना चाहता है। शराब की बिक्री में विभाग का कोई दखल नहीं होता है। वैसे बीते तीन साल से देशी और विदेशी शराब एक ही दुकान से बिक रही है।

पीने का पैटर्न भी बदला, अब महंगी शराब पसंद

चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीने के आबकारी विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्पष्ट हो रहा है कि जिले में शराब पीने के पैटर्न में बदलाव आ रहा है और विदेशी शराब की मांग बढ़ी है। 1 अप्रैल से 31 जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान विदेशी शराब की बिक्री में 19.16 प्रतिशत और बियर में 5.78 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसका मतलब है कि प्रदेश में शराब पीने के पैटर्न में बदलाव आया है। अब लोग महंगी शराब ज्यादा पसंद कर रहे हैं या यंग कंज्यूमर का अंग्रेजी शराब और बियर की तरफ रुझान बढ़ रहा है। वह देशी शराब नहीं पीना चाहता है, इसलिए देशी शराब की बिक्री में कमी आ रही है। कटनी जिले में इसकी बिक्री में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

15 से 31 जुलाई के बीच शराब की खपत

वर्ष देशी शराब बियर विदेशी शराब

2024 60.09 67.20 26.26

2025 49.28 70.20 29.12कटनी, यशभारत। जिले की पुलिस ने पिछले महीने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से 15 दिवसीय अभियान नशे से दूरी है जरूरी चलाया था। 15 से 30 जुलाई तक चले इस अभियान में जिले के सभी थानों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और लोगों को नशे से दूर रहने की समझाइश देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए। आंकड़े बताते हैं कि इस अभियान का जिले में विदेशी शराब और बियर प्रेमियों पर कोई असर नहीं दिखा। अभियान के दौरान विदेशी शराब की बिक्री 10.89 प्रतिशत और बियर में 4.47 प्रतिशत का इजाफा हुआ। हालांकि देशी शराब पीने वालों पर पुलिस की समझाइश का असर जरूर दिखा और इसकी बिक्री में करीब 18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यह खुलासा पिछले वर्ष के आंकड़ों 15 से 31 जुलाई से इस वर्ष इसी अवधि के आंकड़ों की तुलना में सामने आया। आबकारी विभाग के आंकड़ों में साफ देखा जा सकता है कि बियर और विदेशी मदिरा पीने वालो की संख्या बढ़ी है। कटनी जिला ही नहींए पूरे प्रदेश में उपभोक्ता और रिटेलर की पसंद पर निर्भर करती है। उपभोक्ता क्या पीना पसंद करता है और रिटेलर क्या बेचना चाहता है। शराब की बिक्री में विभाग का कोई दखल नहीं होता है। वैसे बीते तीन साल से देशी और विदेशी शराब एक ही दुकान से बिक रही है।
पीने का पैटर्न भी बदला, अब महंगी शराब पसंद
चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीने के आबकारी विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्पष्ट हो रहा है कि जिले में शराब पीने के पैटर्न में बदलाव आ रहा है और विदेशी शराब की मांग बढ़ी है। 1 अप्रैल से 31 जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान विदेशी शराब की बिक्री में 19.16 प्रतिशत और बियर में 5.78 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसका मतलब है कि प्रदेश में शराब पीने के पैटर्न में बदलाव आया है। अब लोग महंगी शराब ज्यादा पसंद कर रहे हैं या यंग कंज्यूमर का अंग्रेजी शराब और बियर की तरफ रुझान बढ़ रहा है। वह देशी शराब नहीं पीना चाहता है, इसलिए देशी शराब की बिक्री में कमी आ रही है। कटनी जिले में इसकी बिक्री में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।
15 से 31 जुलाई के बीच शराब की खपत
वर्ष देशी शराब बियर विदेशी शराब
2024 60.09 67.20 26.26
2025 49.28 70.20 29.12

IMG 20250628 181855
Oplus_0

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button