
ग्वालियर में एक दिव्यांग के साथ उसके ही दोस्त ने ऐसा दगा दिया कि वह अब किसी पर विश्वास नहीं करता। दोनों पैर से दिव्यांग अर्जुन कुशवाह को एक प्रॉपर्टी डीलर ने दोस्त बनाया। दोस्त ने दिव्यांग को सपना दिखाया कि उसकी कुछ मंत्रियों से पहचान है। उसकी सरकारी विभाग में नौकरी लगवा देगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दोस्त रुपए लेकर मुकर गया।
यह है मामला
अचलेश्वर मंदिर के पास निवासी 52 वर्षीय अर्जुन कुशवाह दोनों पैर से दिव्यांग है। अर्जुन ने बताया कि जब वह 12 साल का था तभी उसको तेज बुखार आया था। उसके बाद उसके दोनों पैर खराब हो गए थे। तभी से वह और उसकी जिंदगी घिसट रही है। साल 2008 में उसने पिता के नाम की पुश्तैनी जमीन बेची थी। तब उसके हिस्से में 4 लाख रुपए आए थे। उसी समय प्रॉपर्टी डीलर जितेन्द्र पटेल ने उससे दोस्ती की। उसके बाद दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई। अर्जुन अपने दोस्त जितेन्द्र पर खुद से भी ज्यादा विश्वास करने लगा। इसी बीच प्रॉपर्टी डीलर दोस्त ने उसे बताया कि उसके कई मंत्रियांे से अच्छे संबंध हैं। वह उसकी दिव्यांग कोटे से सरकारी विभाग में चपरासी की नौकरी लगवा देगा। बदले में कुछ साढ़े तीन लाख रुपए खर्च होंगे। अर्जुन को भी लगा कि सरकारी विभाग मंे नौकरी लगने से उसका आगे का जीवन सुकून से कट सकेगा। उसने दोस्त को साढ़े तीन लाख रुपए दे दिए। इसके बाद वह नौकरी के सपने ही देखते रह गया। न उसकी नौकरी लगी न ही दोस्त उसके रुपए लौटा रहा है। पीड़ित पैसे मांगता है तो दोस्त उसे धमकाता है।







