
जिले में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट: जिले के 60% पंप ड्राई, शहर के आधे पंप बंद
ऑटोमेशन कंट्रोल और सीमित सप्लाई से बढ़ी परेशानी, हाइवे पंपों पर उमड़ी भीड़

कटनी, यशभारत।
कटनी जिले में पेट्रोल और डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि जिले में संचालित लगभग 112 पेट्रोल पंपों में से करीब 60 प्रतिशत पंप ड्राई की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जबकि शहर के लगभग 24 पेट्रोल पंपों में से आधे पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो चुका है। कई प्रमुख पंपों पर सुबह से ही सप्लाई बंद होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कटनी में वर्तमान में पेट्रोल की कीमत लगभग 107.71 रुपए प्रति लीटर और डीजल 93.01 रुपए प्रति लीटर बताई जा रही है। जिले में नायरा और जियो कंपनी का ईंधन इंदौर से पहुंचता है, जबकि अन्य तेल कंपनियों की सप्लाई भिटौनी-जबलपुर डिपो से की जाती है।
प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बीच तेल कंपनियों ने भी सप्लाई पर सख्त नियंत्रण शुरू कर दिया है। कंपनियां अब ऑटोमेशन प्रणाली के जरिए पेट्रोल पंपों की डिजिटल निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार ही सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध करा रही हैं। अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई है।
पंप संचालकों के अनुसार पहले जहां किसी पंप पर महीने में 5 से 6 टैंकर तक सप्लाई पहुंच जाती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल 2 से 3 टैंकर रह गई है। टैंकर आने में भी पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है। कई बार सात-सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख पंप हुए ड्राई
शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई है। इनमें मेन रोड चाका स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप, पुरैनी का नायरा पंप, इंडियन ऑयल पंप पुरैनी, सीताराम ब्रदर्स पन्ना मोड़ और मिशन चौक स्थित भारत पेट्रोलियम पंप प्रमुख हैं। इन पंपों के ड्राई होने के बाद हाइवे किनारे संचालित पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
जंग की तपिश का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालातों का असर अब ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत पहले से बनी हुई है, वहीं अब पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर भी दबाव बढ़ गया है। हालांकि आम ग्राहकों पर इसका बड़ा असर फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा, लेकिन पंप संचालकों के स्तर पर स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
क्या है ऑटोमेशन प्रणाली?
तेल कंपनियां अब पेट्रोल पंपों पर डिजिटल ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए निगरानी कर रही हैं। इस प्रणाली में पंपों के अंडरग्राउंड टैंक और डिस्पेंसिंग मशीनें सीधे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़ी रहती हैं।
एटीजी (ऑटोमैटिक टैंक गेज) सिस्टम के माध्यम से कंपनियां वास्तविक समय में स्टॉक की निगरानी करती हैं। इससे चोरी और गड़बड़ी की संभावना कम होती है, लेकिन अब कंपनियां स्टॉक के आधार पर ही सीमित सप्लाई भेज रही हैं ताकि कोई भी पंप पूरी तरह ड्राई न हो।
जिले में रोज 6 से 7 लाख लीटर ईंधन की खपत
कटनी जिले में पेट्रोल और डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है। अनुमान के मुताबिक जिले में प्रतिदिन करीब 6 से 7 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री होती है। पंप संचालकों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के बावजूद ईंधन की खपत कम नहीं हुई, बल्कि पिछले साल की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत तक बढ़ी है।
संचालकों की बढ़ी चिंता
पंप संचालकों का कहना है कि कंपनियों द्वारा की जा रही कंट्रोलिंग के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई पंप पूरी तरह बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
इनका कहना है
“पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कंपनियां अब पंपों को खपत के अनुसार दे रही हैं। पहले जितना ऑर्डर होता था उतनी सप्लाई मिल जाती थी, लेकिन अब कंपनियां कंट्रोल कर रही हैं। हालांकि जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फिलहाल जिले में सामान्य हालात हैं।”
— एस.एस. परिहार, खाद्य आपूर्ति अधिकारी, कटनी
“नयारा कंपनी के तेल के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं। सप्लाई सिर्फ 40 प्रतिशत तक ही हो पा रही है। अगर हालात सामान्य नहीं हुए तो पंप बंद होने की स्थिति आ सकती है।”
— स्थानीय नागरिक
क्या कहते हैं संचालक?
तेल कंपनियों की मनमानी के चलते बढ़ी परेशानी
“पिछले दिनों कई बार पंप ड्राई की स्थिति में आ चुका है। टैंकर आने में सात दिन तक लग रहे हैं। कंपनियों ने अपने स्तर से ही तेल की शॉर्ट सप्लाई शुरू कर दी है।”
— शशांक चांडक, पेट्रोल पंप संचालक
कंपनी अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब
जिले की वास्तविक स्थिति और सप्लाई व्यवस्था को लेकर भारत पेट्रोलियम के सेल्स ऑफिसर बिनय कुमार मीणा से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।








