जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण हादसा : ओवरलोड तूफान वाहन घर में घुसा, एक की मौत, कई घायल; चालक को झपकी आने की आशंका

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शुक्रवार सुबह करीब चार बजे कुरई थाना क्षेत्र के पचधार हाईवे के समीप एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मंडला और डिंडोरी जिलों से मजदूरों को लेकर केरल जा रही एक ओवरलोड ‘तूफान’ (गामा) गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक मकान में जा घुसी। हादसा इतना जबरदस्त था कि मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन में क्षमता से कहीं अधिक 29 लोग सवार थे, जिनमें 12 पुरुष, 12 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल थे। सभी मजदूर रोजगार की तलाश में केरल जा रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आने से वाहन अनियंत्रित हो गया और दूसरी लेन में पहुंचकर सड़क किनारे बने घर में घुस गया। राहत की बात यह रही कि मकान में मौजूद परिवार पूरी तरह सुरक्षित रहा और किसी सदस्य को चोट नहीं आई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एफआरवी-06 खवासा टीम, कुरई थाना पुलिस तथा 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। 10 से 12 घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरई भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को नागपुर रेफर किया गया।
बरघाट एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जिला अस्पताल में भर्ती दो अन्य घायलों की हालत भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन पर चिकित्सकों की विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी के सफर में ओवरलोडिंग, चालक की थकान और पर्याप्त विश्राम के अभाव जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वाहन चलाने से चालक को नींद की झपकी आना बड़े हादसों का प्रमुख कारण बनता है। प्रशासन द्वारा लोगों से क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठाने, यात्रा के दौरान नियमित विश्राम करने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।







