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छात्रावास में तीन छात्रों से बर्बरता का आरोप : बेल्ट से पीटा, हाथों पर रखे अंगारे…जांच के लिए कमेटी गठित

मंडला, यशभारत। मंडला जिले के पाठा सिहोरा स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर एवं जूनियर बालक छात्रावास में जूनियर छात्रों के साथ कथित बर्बरता का मामला सामने आया है।

Screenshot 20260925 095626.Dainik Bhaskar

आरोप है कि सीनियर छात्रावास के कुछ छात्रों ने चोरी के शक में जूनियर छात्रावास के तीन बच्चों को रात में सोते समय उठाया और उनके साथ मारपीट की। बच्चों के अनुसार, पहले उनसे पैसे चोरी करने के बारे में पूछताछ की गई और इसके बाद बेल्ट से पीटा गया। आरोप है कि प्रताड़ना यहीं नहीं रुकी और बच्चों के हाथों पर कथित तौर पर अंगारे रख दिए गए। इससे उनके हाथ झुलसने और छाले पड़ने की बात सामने आई है।
बताया गया कि बच्चों से कहा गया कि जिसने चोरी नहीं की होगी, उसके हाथ नहीं जलेंगे। इसके बाद कथित तौर पर उनके हाथों पर अंगारे रखे गए। घटना के बाद बच्चों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही परिजन छात्रावास पहुंचे और बच्चों के साथ हुई कथित घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी और अधीक्षक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पिंडरई पुलिस और सहायक आयुक्त कार्यालय की ओर से जांच शुरू की गई है। घटना के सामने आने के बाद छात्रावास की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। खासतौर पर यह सवाल उठ रहा है कि रात में जूनियर छात्रों को छात्रावास से उठाकर उनके साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना कैसे की गई और जिम्मेदार कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी अरुण शुक्ला ने मामले को गंभीर बताते हुए त्वरित कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने बताया कि वे भोपाल में बैठक के लिए गए थे और लौटने के बाद मामले की पूरी जानकारी ली जा रही है। उनका कहना है कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि पिछले महीने उन्होंने छात्रावास का निरीक्षण किया था। उस समय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास के अधीक्षक मौजूद थे, जबकि जूनियर बालक छात्रावास के अधीक्षक अवकाश पर थे।
अधिकारी ने कहा कि विभाग ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया है। घटना गंभीर है, इसलिए जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों के साथ वास्तव में क्या हुआ, घटना में कौन-कौन शामिल थे और छात्रावास प्रबंधन की इसमें क्या भूमिका रही।

इन्होंने कहा…..

मैं बाहर भोपाल गया था जैसे ही मुझे घटना के सम्बन्ध पता चलने पर जांच के लिए कमेटी गठित की है ।

अनिल उईके, छात्रावास अधीक्षक सिहोरा, जिला मंडला

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