भोपालमध्यप्रदेश

28 सितंबर को चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस , सरकार अब वोटों की डकैती तक पहुंची, प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं के साथ जनता भी होगी शामिल

28 सितंबर को चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस

कुणाल चौधरी बोले सरकार अब वोटों की डकैती तक पहुंची, प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं के साथ जनता भी होगी शामिल

भोपाल यश भारत। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस 28 सितंबर को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय का घेराव करेगी। पार्टी के मुताबिक प्रदर्शन में प्रदेशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता भी शामिल होगी।

 

भोपाल में निर्वाचन कार्यालय के घेराव की घोषणा पहले ही कांग्रेस की ओर से की जा चुकी है। कांग्रेस महासचिव कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार अब वोटों की डकैती तक पहुंच चुकी है और चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया जा रहा है। चौधरी ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ लोगों के मताधिकार को प्रभावित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता सड़कों पर उतरकर चुनाव आयोग के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएंगे। कांग्रेस द्वारा एसआईआर और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर देशभर में चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

गडकरी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस बोली गांधी के नाम का राजनीतिक तंज में इस्तेमाल उचित नहीं, माफी नहीं मांगी तो एफआईआर कराएंगे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आरटीओ अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। गडकरी ने भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कई आरटीओ अधिकारी गांधीवादी हैं और गांधी की तस्वीर वाले नोट देखते ही फटाफट ठप्पे लगा देते हैं। यह टिप्पणी बसों के फिटनेस और आरटीओ की कार्यप्रणाली के संदर्भ में की गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गडकरी ने राजनीतिक तंज के लिए महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल कर उनका अपमान किया है। कांग्रेस नेताओं ने मध्यप्रदेश की परिवहन व्यवस्था में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके लिए गांधीवादी विचार जिम्मेदार नहीं हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पुरानी बसों की केवल डेटिंग पेंटिंग कर उन्हें सड़कों पर खड़ा किया जा रहा है। पार्टी ने गडकरी से गांधीवादी विचारों से जुड़े लोगों से माफी मांगने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। गडकरी ने इसी कार्यक्रम में बसों की फिटनेस और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को चेतावनी भी दी थी तथा कहा था कि निर्धारित जांच के बिना बसों का पंजीयन नहीं किया जाना चाहिए।

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