छात्रावासों में कब सुधरेंगी व्यवस्थाएं, सरसवाही में संचालित अनुसूचित जनजाति छात्रावास में छात्राओं की बिगड़ी तबियत, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लगा सवालिया निशान

कटनी, यशभारत। ग्राम सरसवाही में संचालित अनुसूचित जनजाति छात्रावास में छात्राओं की तबियत खराब होने के मामले ने आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। छात्राओं द्वारा पिछले काफी समय मूलभूत सुविधाओं की मांग की जा रही थी लेकिन जिला संयोजक ने इस आरे ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते शनिवार को एक बड़ी घटना हो गई। समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सैकड़ों छात्राएं जब छात्रावास परिसर में धरने पर बैठी तो तेज धूप में विरोध प्रदर्शन के चलते 10 छात्राओं की तबियत खराब हो गई। इस घटना के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को दबाने में लगे हुए हैं और भोजन की गुणवत्ता को खराब बताया जा रहा है, जबकि हकीकत कुछ ओर ही है। बताया जाता है कि छात्राओं की तबियत बिगड़ते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाया गया और छात्राओं को जिला अस्पताल भेजा गया। यहां चार छात्राओं को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि तीन छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में उपचार के लिए रखा गया। इस घटना ने आदिम जाति कल्याण विभाग की व्यवस्थाओं और छात्रावास प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सरसवाही स्थित छात्रावास में 453 छात्राएं निवास कर अध्ययन कर रही हैं। छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई है। चार मंजिला भवन के ऊपरी कमरों तक पानी भरकर ले जाना पड़ता है। बोरिंग मशीन खराब होने के कारण कई बार पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। कई बार रात में बिजली नहीं रहने से पढ़ाई और आराम दोनों प्रभावित हो रहा है। छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर लगातार विरोध जता रही थीं। उन्होंने पेयजल, बिजली और भोजन व्यवस्था में सुधार की मांग वार्डन और विभागीय अधिकारियों से की थी लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। बताया जाता है कि जब पहली छात्रा बेहोश हुई तो साथी छात्राएं उसे संभालने लगीं लेकिन कुछ ही देर में अन्य छात्राएं भी बेहोश हो गई। घटना की सूचना मिलते ही छात्रावास प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। तत्काल एंबुलेंस बुलाई गई और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कुछ छात्राओं को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
अधिकारी पहुंचे, घटना की जांच शुरू
्रघटना की जानकारी मिलते ही आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक विमल चौरसिया, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एनकेजे पुलिस छात्रावास पहुंची और छात्राओं से बात कर जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जिला संयोजक ने स्वीकार किया कि जल्द समाधान का आश्वासन दिया। समस्या को दूर करने के प्रयास किए गए थे।







