दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पुरानी कचहरी चौक पर प्रदर्शन
लोकतंत्र में तानाशाही के विरोध में समाजवादी पार्टी का सांकेतिक धरना

लोकतंत्र में तानाशाही के विरोध में समाजवादी पार्टी का सांकेतिक धरना
दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पुरानी कचहरी चौक पर प्रदर्शन
सरकार के खिलाफ नारेबाजी
कटनी, यशभारत। लोकतंत्र में तानाशाही के विरोध और दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पुरानी कचहरी चौक स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के नीचे सांकेतिक धरना-प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी”, “अच्छी शिक्षा न दे सके जो, वह सरकार निकम्मी है”, “जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है”, “छात्रों पर अत्याचार नहीं सहेंगे” तथा “युवाओं पर अत्याचार नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रही है।
धरने में मौजूद नेताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाए और उनके अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
सांकेतिक धरना-प्रदर्शन में संदीप नायक, विन्देश्वरी पटेल, प्रभात पांडे, एडवोकेट हेमंत श्रीवास्तव, सचिन शर्मा, ओम आहूजा, मजहर नियाजी और विक्रम रजक सहित समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद हैं। प्रदर्शन स्थल पर धीरे-धीरे कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ बढ़ती जा रही है। आयोजकों ने कहा कि छात्र-युवा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।







