अकरम और प्रिंस पर पुलिस ने दर्ज कराया हत्या के प्रयास का मामला, घेराबंदी के दौरान पिस्टल से पुलिस पर किया था फायर

कटनी, यशभारत। बजरंग दल के पूर्व गौ सेवा प्रमुख भाजपा नेता नीलेश उर्फ नीलू रजक की हत्या कर फरार हुए दोनों आरोपी अकरम खान और प्रिंस ईसाई द्वारा पुलिस पर गोली चलाने को लेकर बहोरीबंद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस समय आरोपियों की तलाश की जा रही थी, उस समय अकरम खान और प्रिंस ईसाई के बहोरीबंद थाना क्षेत्र के ग्राम कजरवारा में होने की सूचना मिली। पुलिस ने जब इन्हें पकडऩे का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस पर गोली चलाई। जबावी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे अकरम खान और प्रिंस ईसाई घायल हो गए। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कैमोर में नीलू रजक की निर्मम हत्या के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने दोनों आरोपियों अकरम खान और प्रिंस ईसाई की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर कटनी सहित आसपास के जिलों की ओर रवाना की थी। जिसमे रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरूण पाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम रीवा और खितौली चौकी प्रभारी ऋषभ बघेल को पुलिस दल के साथ उमरिया, शहडोल की ओर रवाना किया गया था। इसी तरह तीसरी टीम भी आरोपियों की पतासाजी में जुटी हुई थी। इस टीम में बस स्टैंड चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सिद्धार्थ राय, उपनिरीक्षक नवीन राय एवं एनकेजे थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूपेन्द्र राजपूत, प्रधान आरक्षक उमाकांत तिवारी, आरक्षक राकेश साहू, आरक्षक नीलेश दुबे भी आरोपियों की तलाश में जिले के ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में दबिश दे रहे थे। इसी दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार व मुबिखरों से पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि दोनों आरोपी अकरम व प्रिंस स्लीमनाबाद से बहोरीबंद की तरफ जा रहे हैं। एसपी ने तत्काल टीम को रवाना किया। सुबह 4.30 बजे के आसपास आरोपी कजरवारा गांव के पास मिले। आगे नाकेबंदी होने के कारण वे वापस लौट रहे थे। पुलिस को देखकर बाइक गिराकर भागने की फिराक में थे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो अकरम ने पिस्टल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। तीन राउंड फायर किए। अपराधियों के हौंसले को पस्त करने पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई में पिस्टल से एसआई सिद्धार्थ राय ने हवाई फायरिंग की, फिर अकरम के दोनों पैर में घुटने के नीचे, प्रिंस के एक पैर में फायरिंग कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को सीधे विक्टोरिया अस्पताल जबलपुर लेकर गए। यहां पर सर्जन न होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अपराधियों का उपचार जारी है।







