ईटखेड़ी की 2000 महिलाएं बनीं लखपति दीदी, कलेक्टर ने जरी-जरदौजी और जूट शिल्प को सराहा

ईटखेड़ी की 2000 महिलाएं बनीं लखपति दीदी, कलेक्टर ने जरी-जरदौजी और जूट शिल्प को सराहा
भोपाल, यशभारत। ग्रामीण महिलाओं के हुनर और मेहनत ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना दिया है। भोपाल जिले के ईटखेड़ी क्षेत्र में समर्थन सीएलएफ से जुड़ीं 4000 महिलाओं में से 50 प्रतिशत महिलाएं अब लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह जानकारी कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के भ्रमण के दौरान सामने आई। कलेक्टर ने ईटखेड़ी पहुँचकर स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए जरी-जरदौजी, जूट और बांस के उत्पादों के स्टॉल्स का अवलोकन किया और महिलाओं के कौशल की प्रशंसा की।
कलेक्टर मिश्रा ने महिलाओं को आर्थिक रूप से और सशक्त बनाने के लिए एक नया विजन दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि समूहों के माध्यम से आजीविका एक्सप्रेस का संचालन किया जाए, जो स्कूली बच्चों के आवागमन की सुविधा प्रदान करे। इससे महिलाओं के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे। इस दौरान महिलाओं ने कलेक्टर को अपने हाथों से तैयार की गई जरी-जरदौजी की शॉल और जैविक फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
हलाली बांध परियोजना से दूर होगा पेयजल संकट
क्षेत्र भ्रमण के दौरान ईटखेड़ी, गोलखेड़ी और बीनापुर की महिलाओं ने पेयजल की समस्या को प्रमुखता से उठाया। कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि आसपास की पंचायतों में हलाली बांध परियोजना के जरिए पानी पहुँचाने का प्रस्ताव तुरंत तैयार करें। साथ ही उन्होंने आंगनवाड़ियों को नर्सरी के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए अभिभावकों से बच्चों को नियमित भेजने की अपील की।
गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा सर्वोपरि
कलेक्टर ने गोलखेड़ी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का भी निरीक्षण किया। जिले में अब तक 37,407 किसानों ने पंजीयन कराया है और 91 केंद्रों पर खरीदी की प्रक्रिया जारी है। अब तक 4,315 किसानों से 2.41 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और छाया-पानी जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एसडीएम विनोद सोनकिया और जनपद सीईओ शिवानी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने बीनापुर में मां की बगिया का भी अवलोकन किया, जो ग्रामीण पोषण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही है।







