चूना लगाने के सारे रास्ते बंद, अनाज के एक-एक दाने की निगरानी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चलाएगा पीडीएस की राशन दुकानें

कटनी, यशभारत। गरीबों को बांटे जाने वाले अनाज के एक-एक दाने का हिसाब रखने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक नया प्लान तैयार किया है। इससे जहां अनाज वितरण में गड़बड़ी रुकेगी, वहीं विभाग के पास यह रिकॉर्ड भी तैयार होगा कि दुकानों से कितना अनाज सही तरीके से बांटा गया। इसके लिए विभाग अब सभी राशन दुकानों की तुलाई मशीनों को ई-पॉश मशीनों से जोड़ रहा है। इससे उपभोक्ता को कितना राशन दिया गया, इसकी जानकारी विभाग तक सीधे पहुंचेगी।
जानकारी के मुताबिक उंगलियां और अंगूठा स्कैन न होने से राशन न मिलने की समस्या को दूर करने के लिए भी विभाग ने नया रास्ता निकाल लिया है। अब ऐसे उपभोक्ताओं को बिना राशन के नहीं लौटना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी मानते हैं कि वास्तविकता में उपभोक्ता को कितना अनाज बांटा गया, इसकी विभाग के पास जानकारी ही नहीं आती, लेकिन अब इसका भी रास्ता निकाल लिया गया है। जिले की सभी पीडीएस दुकानों के तराजू को ई-पॉश मशीन से जोड़ा जा रहा है। इससे तुलाई मशीन से जैसे ही उपभोक्ता को अनाज तौलकर दिया जाएगा, उसकी जानकारी विभाग के सर्वर पर अपने-आप पहुंच जाएगी। अनाज तौलने से पहले ई पॉश मशीन में उपभोक्ता के फिंगर प्रिंट से उसकी पहचान की जाती है, इसलिए अनाज की जानकारी के साथ यह भी पता होगा कि किस उपभोक्ता को कितना अनाज दिया गया।
विभाग के पास पहुंच जाएगा डाटा
तुलाई मशीन से पॉश मशीनों को जोड़े जाने के बाद इसका डाटा विभाग के पास पहुंचेगा। इस डाटा के साथ सर्वर पर खाद्यान का बाकी डाटा भी अपलोड होगा। एआई की मदद से इस डाटा का एनालिसिस होगा और जहां भी निर्धारित मात्रा से कम अनाज दिया जाएगा तो इससे जुड़ी एनफॉरर्मेशन अपने आप जनरेट होगी। आमतौर पर यह शिकायत होती है कि उपभोक्ता के फिंगर प्रिंट पॉश मशीनों में रीड नहीं हो रहे या हाथों की लकीरें मिट चुकी हैं। इस तरह की शिकायतों को देखते हुए अब इसका भी रास्ता निकाला गया है। ऐसी स्थिति में आंखों की पुतलियों और फेस रिकग्निशन से भी पहचान स्थापित कर राशन दिया जाएगा। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
मालवाहक वाहनों को भी जोड़ा जा रहा जीपीएस से
गोडाउन से लेकर पीडीएस की दुकानों तक पहुंचने के दौरान अनाज में किसी तरह की गड़बडी को रोकने के लिए अब परिवहन कार्य में लगे सभी माल वाहक वाहनों को जीपीएस से जोड़ा गया है, जिससे अनाज लेकर निकलने वाले वाहनों की लगातार ऑनलाइन मॉनिटरिंग आसान हुई है। जिले के सभी वेयर हाउस पर भी अब सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं।








