मध्य प्रदेशराज्य

काम का भुगतान नहीं हुआ, घर कैसे चलाएंगे मजदूर : अमृत सरोवर निर्माण , तकनीकी मानकों की अनदेखी

यशभारत , डिंडोरी |डिंडोरी जिले के करंजिया विकासखंड में मजदूरों की जीवन चलाने वाली योजना मनरेगा जो अब वी वी रामजी हो गई है जिसके बाद मजदूरों ने उम्मीद की थी कि योजना बदलेगी तो नजारे भी बदल जाएंगे, पर ज़मीनी हकीकत यह है कि योजना तो बदली पर मजदूरों की परिस्थितियां आज भी जस का तस है। जिसमें मजदूरों की मजदूरी 3-3 माह बीत जाने के बाद भी नहीं मिली है। वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत करंजिया के ग्राम पंचायत सैलवार में अमृत सरोवर योजना के तहत निर्माणाधीन तालाब में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

करंजिया जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सैलवार के ठेंगा टोला में अमृत सरोवर तालाब निर्माण कार्य में भारी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों और मजदूरों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि तालाब की दीवारों के निर्माण में न तो पानी से सिंचाई की जा रही है और न ही रोलर चलाया जा रहा है, जो कि मजबूती के लिए बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा, जहां काली मिट्टी से मजबूत दीवार बनाई जानी चाहिए, वहां मुरूम डालकर निर्माण किया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि तालाब की दीवारों में जगह-जगह सीपेज (पानी रिसाव) शुरू हो गया है।

मजदूरों ने बताया कि उन्होंने जनवरी माह में इसी तालाब निर्माण में काम किया था, लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे मजदूरों में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से जल्द भुगतान की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह घटिया निर्माण होता रहा, तो बारिश के मौसम में तालाब टूटने का खतरा बना रहेगा, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग तो होगा ही, साथ ही आसपास के क्षेत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है।

अब सवाल यह है कि तालाब निर्माण में कार्य कर रहे लगभग 30 मजदूरों को जनवरी माह की मजदूरी नहीं मिली है जबकि उन्हें घर चलाने में परेशानी हो रही है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब कार्रवाई करेंगे और मजदूरों को उनका हक कब मिलेगा। फिलहाल, यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

इनका कहना है ….

पहले 5 हफ्ते काम किए थे जिसमें 3 हफ्ते का पेमेंट मिला है, 2 हफ्ते का पेमेंट अभी भी नहीं मिला है तीन महिने हो गये – अमीरकली करचाम, मजदूर

जनवरी में काम किए थे अभी तक मजदूरी नहीं मिलने से घर चलाने में परेशानी होती है – कमला बाई, मज़दूर

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