अपराध बेलगाम : खंजर लहरा रहे अक्कू पर कम्मू ने किया हमला

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ शहर में बेखौफ बदमाशों और अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें अब न तो कानून का डर रह गया है और न ही खाकी का खौफ। सागर में कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। इसका ताजा और सनसनीखेज उदाहरण कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुरव्याऊ टोरी इलाके में शनिवार की सुबह देखने को मिला, जहां सुबह-सुबह कटरबाजी और मजनूगिरी के चलते बीच सड़क पर खूनी संघर्ष हो गया। शहर के हृदय स्थल में हुई चाकूबाजी की इस वारदात ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेआम हुई इस खूनी वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मंदिर जा रही महिलाओं व आम नागरिकों में भारी दहशत फैल गई।
यश भारत के संभागीय ब्यूरो द्वारा इस पूरी घटना को लेकर जब कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल से सीधी बात की गई, तो इस सनसनीखेज चाकूबाजी का बेहद चौंकाने वाला और प्रामाणिक सच सामने आया। पुलिस के अनुसार, घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ युवक काकागंज निवासी अक्कू उर्फ आकाश सेन है, जो क्षेत्र की ही एक विवाहिता महिला को पूर्व में भगाकर ले गया था। परिजनों के दबाव के चलते उक्त महिला वापस अपने घर लौट आई थी, जिससे बौखलाकर यह सनकी आशिक सुबह लगभग 5 बजे से हाथ में बड़ा खंजर (छुरा) लहराते हुए सीधे महिला के घर के सामने पहुंच गया और वहां गाली-गलौज करते हुए उत्पात मचाने लगा।
इस दौरान जब एक सनकी युवक सुबह-सुबह सरेराह खंजर लेकर आतंक मचा रहा था और मंदिर जा रही महिलाओं को परेशान कर रहा था, तब पुलिस का खुफिया तंत्र और गश्ती दल पूरी तरह नदारद था। अक्कू की इस मजनूगिरी को देख क्षेत्र के ही रहने वाले कम्मू उर्फ कमलेश नामदेव ने उसे रोकने और समझाने का प्रयास किया। लेकिन आपा खो चुके अक्कू ने कम्मू पर ही छुरा तान दिया। इसके बाद दोनों आदतन अपराधियों के बीच बीच सड़क पर ही तीखी झूमाझटकी शुरू हो गई। कम्मू द्वारा अक्कू को काबू में करने के प्रयास के दौरान अक्कू के ही हाथ का छुरा उसके शरीर में गहरे धंस गया और वह लहूलुहान होकर वहीं सड़क किनारे गिर गया।
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने लहूलुहान हालत में तड़प रहे घायल युवक अक्कू उर्फ आकाश सेन को तुरंत इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है और वह खतरे से बाहर है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने त्वरित घेराबंदी करते हुए वारदात के बाद फरार हुए आरोपी कम्मू उर्फ कमलेश नामदेव को तत्परता से गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल के मुताबिक इस खूनी झड़प में शामिल घायल और आरोपी दोनों ही आदतन आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और दोनों का ही थाने में पुराना लंबा पुलिस रिकॉर्ड दर्ज है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कम्मू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की जा रही है और वैधानिक कार्रवाई जारी है। लेकिन इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि समय रहते इन कटरबाजों और बेलगाम अपराधियों पर पुलिस का सख्त हंटर नहीं चला, तो सागर की गलियां पूरी तरह अपराधियों का अड्डा बनकर रह जाएंगी।







