अक्षत की बिदाई में नम हुई आंखें, दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में मौत के बाद शव घर पहुंचते ही बिलख पड़े परिजन

कटनी, यशभारत। दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे में कटनी के होनहार अक्षत यादव का आज नदीपार स्थित मुक्तिधाम में अत्यंत ही शोक एवं गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार एवं शहर के नागरिक शामिल हुए। इसके पहले आज सुबह जैसे ही उसका शव घर पहुंचा, वैसे ही मातम छा गया। अक्षत का शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की खुशियां पल भर में दुख में बदल गईं। आसपास के लोग और रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। जानकारी के अनुसार दिल्ली के साउथ कैंपस क्षेत्र स्थित सत्य निकेतन में रविवार को करीब 40 वर्ष पुरानी इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के दौरान अक्षत भी मलबे की चपेट में आ गया था। उसे गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव की शिनाख्त के दौरान अक्षत यादव की पहचान की पुष्टि हुई। अक्षत यादव दुबे कॉलोनी के तुलसी नगर में रहता था और दिल्ली में रहकर बी कॉमर्स ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा था। परिवार को अक्षत से बेहतर भविष्य की उम्मीदें थीं। पढ़ाई पूरी कर वह अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहता था लेकिन सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे ने परिवार के सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया। अक्षत की मौत की खबर जैसे ही कटनी पहुंची। दुबे कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई। एक होनहार छात्र की असमय मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
डीपीएस में हुई थी अक्षत की प्रारंभिक शिक्षा
अक्षत ने कटनी के डीपीएस स्कूल में शिक्षा प्राप्त की थी। स्कूल की प्रिंसिपल सीमा दुबे ने भी अक्षत के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। स्कूल से जुड़े लोगों ने अक्षत को होनहार और प्रतिभाशाली छात्र बताते हुए उसके असमय निधन पर शोक जताया। अक्षत की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार के साथ पूर्व पार्षद विजय रजक भी दिल्ली गए थे। उन्होंने वहां परिजनों के साथ रहकर आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग किया और अक्षत के शव को कटनी लाने में साथ रहे। बताया जा रहा है कि सत्य निकेतन हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। कटनी के अक्षत की मौत ने शहरवासियों को भी झकझोर दिया है।







