बरही के विजयनाथ…थानेदार के जागृत भोले भंडारी, थानेदार को नींद से जगाकर बोले थे मुझे बाहर निकालो, बरही में धूमधाम से निकलेगी शिव बारात

बरही/कटनी। थानेदार को नींद से जगाकर भोलेनाथ बोले मुझे बाहर निकालो। जी हां कटनी जिले के बरही में विराजे भगवान विजयनाथ जी ने करीब 100 वर्ष पूर्व यहां पदस्थ रहे थानेदार दुर्गा प्रसाद पांडेय के स्वप्न में जागृत भोले भंडारी आए, थानेदार के एक सप्ताह तक सूर्य सनातन की पहाड़ी में खुदाई कराई, जहां से दिव्य शिवलिंग प्रकट हुआ। बरही में विराजे भगवान विजयनाथ जी की सच्चे हृदय से पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। भोलेनाथ हृदय की पुकार सुनते भी है और भक्तों की तकलीफों को दूर कर उन्हें सुखी और निरोगी भी बनाते है। उनका प्राकट्य उत्सव बरही में बसंत पंचमी से महाशिवरात्रि तक मनाया जाता है और महाशिवरात्रि को पूरे भक्तिभाव, उल्लास, उमंग, उत्साह और धूमधाम से शिव बारात निकाली जाती है, जो कटनी जिले ही नही समूचे प्रदेश की अनूठी और अनुपम बारात में सुमार है।
जरा हटकर रहेगी मंदिर प्रांगण की लाइटिंग
मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरे मंदिर प्रांगण में दिव्यता और भव्यता लाने के लिए लाइटिंग से सजावट की जाती है। लाइटिंग सजवाने की जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले विजय वर्मा बताते है कि इस बार विशेष साज-सज्जा करने की तैयारी है, जो हटकर और खास होगी।
शिव बारात का बृहनगं होगा दृश्य
समूचे कटनी जिले में बरही नगर में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को शिव बारात का दृश्य इस बार और भी निराला होगा। बारात की अहम जिम्मेदारी संभालने वाले नटराज फिंलिंग सेंटर के संचालक अशोक वर्मा ने बताया कि इस बार भगवान भोलेनाथ की बारात जरा हटकर होगी।
चौक बाजार में जरा हटकर होगा कार्यक्रम
15 फरवरी की शाम शिव बारात बरही के श्रीरामलला मंदिर प्रांगण से प्रारम्भ होगी। बारात संयोजक अशोक वर्मा बताते है कि चौक बाजार में इसबार कार्यक्रम जराहटकर होगा, नृत्य, आतिशबाजी सहित अन्य कार्यक्रम की धूम रहेगी।
जीवांत झांकिया आकर्षण का केंद्र
बरही में निकलने वाली शिव बारात का हर भोलेभक्त बेसब्री से इंतजार करते है। समूचे अंचल से लोग परिवार सहित सहभागिता निभाते है और बारात में झूमते, नाचते हुए चलते है। नगरवासी बारात का जगह-जगह स्वागत करते है।






