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जब रिसॉर्ट का ‘पहला मेहमान’ बना जंगल का राजा: पेंच के निर्माणाधीन परिसर में बाघ की चहलकदमी से मचा हड़कंप… देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा बफर जोन अंतर्गत टुरिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बाघ अचानक निर्माणाधीन रिसार्ट में घुस गया। बाघ को परिसर के भीतर देखकर वहां मौजूद मजदूरों में दहशत फैल गई। घटना शुक्रवार की है जिसका घटना का वीडियो शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई।

जानकारी के अनुसार, टुरिया गांव में कलरव रिसार्ट से लगे एक निर्माणाधीन रिसार्ट (फार्म हाउस) में बाघ के घुसने की सूचना वन विभाग को मिली थी। बताया जाता है कि इस निर्माणाधीन परिसर का संबंध नागपुर निवासी मनीष शर्मा से है। सूचना मिलते ही खवासा परिक्षेत्र अधिकारी सुमित रेंगे वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुरई थाना प्रभारी कृपाल सिंह तेकाम भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।

घास के मैदान में काफी देर तक बैठा रहा बाघ
निर्माणाधीन रिसार्ट परिसर में घास का मैदान और लंबी घास होने के कारण बाघ काफी देर तक वहीं बैठा रहा। वन विभाग की टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से उसकी लोकेशन पर नजर रखी। एहतियात के तौर पर परिसर में मौजूद मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और आसपास के क्षेत्र को खाली कराकर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई। वन अमले ने बाघ को बिना परेशान किए उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखी।

कुछ देर बाद बाघ स्वयं धीरे-धीरे जंगल की दिशा में बढ़ने लगा और रिसार्ट की बाउंड्री से छलांग लगाकर कोर क्षेत्र की ओर चला गया। राहत की बात रही कि इस पूरी घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई और न ही बाघ को कोई नुकसान पहुंचा।

पेंच टाइगर रिजर्व का टुरिया क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार के लिए पहुंचते हैं। आसपास के क्षेत्र में रिसार्ट, फार्म हाउस और अन्य निर्माण गतिविधियां भी संचालित हैं। ऐसे में वन्यजीवों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र के आसपास मानवीय गतिविधियों को लेकर सतर्कता जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाघ सामान्यतः भोजन, पानी और अपने प्राकृतिक विचरण के दौरान आसपास के क्षेत्रों में पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को स्वयं बाघ के करीब जाने, शोर मचाने या उसे भगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। वन विभाग ने बाघ की सुरक्षित जंगल वापसी के बाद भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। घटना ने एक बार फिर पेंच के बफर क्षेत्र में वन्यजीवों और मानवीय गतिविधियों के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर सतर्कता की जरूरत उजागर की है।

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