महाकौशल विश्वविद्यालय में जमकर जूतमपैजार, कुलपति-कुलसचिव के बीच मारपीट, कुलसचिव का आरोप—माथे पर बंदूक रख दी जान से मारने की धमकी…

जबलपुर यश भारत.. महाकौशल विश्वविद्यालय में दो शीर्ष अधिकारियों कुलपति और कुलसचिव के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष तिलवारा थाने पहुंच गए और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
एफआईआर के अनुसार कुलसचिव के आरोप
कुलसचिव ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि कुलगुरु द्वारा प्रबंधन को उनके खिलाफ भड़काया जा रहा था, जिससे उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था।कुलसचिव ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उनके माथे पर बंदूक रखकर जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, नहीं तो घटना और गंभीर हो सकती थी।
कुलपति ने लगाए पलटवार में आरोप
वहीं कुलपति ने पुलिस को बताया कि कुलसचिव के सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि कुलसचिव की कार्यप्रणाली पहले से विवादों में रही है और इससे पहले भी तीन कॉलेजों में उनके खिलाफ शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कुलपति ने आरोप लगाया कि कुलसचिव प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर विवाद की स्थिति पैदा कर रहे थे।
कैसे बढ़ा विवाद
सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। शुक्रवार को किसी मुद्दे पर हुई बहस अचानक उग्र हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।घटना के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और स्टाफ ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
क्या बोली पुलिस
तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में शीर्ष अधिकारियों के बीच हुए इस विवाद ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले भी लग चुके हैं अनियमितताओं के आरोप
महाकौशल विश्वविद्यालय का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। निजी विश्वविद्यालय होने के कारण यहां प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय पर पूर्व में प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी, प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता की कमी, कर्मचारियों के साथ विवाद और शैक्षणिक व्यवस्थाओं में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। कई बार छात्रों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर विरोध दर्ज कराया है।अब विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों के बीच खुलकर सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर संस्थान की छवि को प्रभावित किया है। शिक्षा के मंदिर में इस तरह के घटनाक्रम ने छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
क्या बोले एबीवीपी के महानगर मंत्री आर्यन पुंज
इस पूरे मामले पर एबीवीपी महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार विवादों का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी विश्वविद्यालय में छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है और प्रशासन आपसी विवादों में उलझा हुआ है।आर्यन पुंज ने कहा कि जब विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारी ही आपस में संघर्ष कर रहे हैं, तो छात्रों की समस्याओं का समाधान कौन करेगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी जारी रही तो एबीवीपी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी।







