कायाकल्प में फिसला विक्टोरिया, चौथे से सीधे 45वें स्थान पर पहुंचा जिला अस्पताल
पाटन तीसरे, एल्गिन चौथे स्थान पर

जबलपुर, यशभारत। राज्यस्तरीय कायाकल्प अभियान 2025-26 के परिणामों में जबलपुर के स्वास्थ्य संस्थानों की तस्वीर मिली-जुली रही। एक ओर सिविल अस्पताल पाटन और रानी दुर्गावती चिकित्सालय (एल्गिन) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में तीसरा और चौथा स्थान हासिल किया, वहीं जिला अस्पताल विक्टोरिया का प्रदर्शन इस बार बुरी तरह फिसल गया। पिछले वर्ष प्रदेश में चौथे स्थान पर रहने वाला विक्टोरिया अस्पताल इस बार सीधे 45वें स्थान पर पहुंच गया। जानकारी के अनुसार फरवरी में हुए मूल्यांकन के दौरान असेसर्स ने जिला अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की खामियां, ओपीडी में स्वच्छता की कमी, नोडल अधिकारियों की अनुपस्थिति और फायर एनओसी का अभाव जैसी गंभीर कमियों को चिन्हित किया था। इन्हीं कमियों का असर अंतिम परिणाम में साफ दिखाई
चिकित्सालय (एल्गिन) ने 94.30 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया। अस्पताल के प्रदर्शन को स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
नई बिल्डिंग का असर पड़ा प्रदर्शन पर- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि जिला अस्पताल में नए भवन के निर्माण कार्य के चलते कई व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। विशेष रूप से बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और फायर सेफ्टी से जुड़े कार्य पूरे नहीं हो पाए, जिसका असर रैंकिंग पर पड़ा। उन्होंने कहा कि अगली बार कमियों को दूर कर बेहतर प्रदर्शन का प्रयास किया जाएगा। कायाकल्प अभियान के ताजा परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है
कि जहां पाटन और एल्गिन अस्पताल स्वच्छता एवं गुणवत्ता के मानकों पर बेहतर काम कर रहे हैं, वहीं जिला अस्पताल विक्टोरिया को अपनी व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की जरूरत है, ताकि वह दोबारा प्रदेश के अग्रणी अस्पतालों की सूची में जगह बना सके।







