स्कूल के लिए दान में दी भूृमि पर नहीं हुए विकास कार्य, न बाउंड्रीवाल बनी, न पानी की व्यवस्था, प्रशासन की उदासीनता

विजयराघवगढ़, यशभारत। ग्राम कन्हवारा में समाजसेवा और शिक्षा के उद्देश्य से दान में दी गई भूमि जिला प्रशासन की उदासीनता की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। कन्हवारा स्थित सेठ महादेव प्रसाद अग्रवाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को दान में मिली करीब 5 एकड़ कृषि भूमि वर्षों बाद भी विकास और सुरक्षा का इंतजार कर रही है। दानदाता स्व. सेठ महादेव प्रसाद अग्रवाल के वंशज कृष्ण कुमार अग्रवाल का कहना है कि यह भूमि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दान की गई थी, लेकिन आज तक न तो इसकी बाउंड्री वाल बनी, न पानी की व्यवस्था हुई और न ही कृषि संबंधी आवश्यक सुविधाएं विकसित की गईं। उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्षों से कलेक्टर, विधायक, सांसद, भाजपा जिलाध्यक्ष और जनसुनवाई तक अपनी बात रख चुका हूं लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिस उद्देश्य से जमीन दान की गई थी। वह आज भी अधूरा है। विद्यालय में वर्ष 2010-11 से कृषि संकाय संचालित है लेकिन प्रयोगात्मक खेती के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से छात्र केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित हैं। पूर्व प्राचार्यों ने भी कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर भूमि की सुरक्षा और कृषि प्रयोगशाला विकसित करने की मांग की थी।
राजस्व अभिलेख में कन्हवारा स्कूल के नाम दर्ज भूमि
राजस्व अभिलेख 2023-24 में यह भूमि शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कन्हवारा के नाम दर्ज होने के बावजूद आज तक सुरक्षा और विकास कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। दानदाता की भावना और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियो से अपेक्षा है कि उक्त भूमि में बाउंड्रीवाल, सिंचाई हेतु पानी की व्यवस्था, कृषि प्रयोगशाला एवं प्रायोगिक खेती की सुविधा उपलब्ध कराएं, ताकि दान का उद्देश्य पूरा हो सके और कृषि संकाय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावहारिक शिक्षा मिल सके।







