तीन साल की दोस्ती, उधार का लैपटॉप और आधी रात का ड्रामा, लैपटॉप के विवाद पर युवती पर जानलेवा हमला

तीन साल की दोस्ती, उधार का लैपटॉप और आधी रात का ड्रामा, लैपटॉप के विवाद पर युवती पर जानलेवा हमला
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में इंसानियत और दोस्ती के रिश्तों को झकझोर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी अपनों का भरोसा ही सबसे बड़ा खतरा बन जाता है। सिर्फ एक लैपटॉप वापस मांगने पर तीन साल पुरानी दोस्ती ताक पर रख दी गई और एक सिरफिरे दोस्त ने युवती को आधी रात को मौत के मुहाने पर लाकर छोड़ दिया। इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से शहडोल की रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भोपाल की एक निजी कंपनी में आर्किटेक्ट के तौर पर काम किया था। हालांकि, करीब छह महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी और अपने गृह जिले लौट गई थी। महज एक सप्ताह पहले ही वह दोबारा भोपाल आई थी। इस दौरान अयोध्या नगर के भवानी धाम में रहने वाले विकास यादव से उसकी करीब तीन साल पुरानी पहचान थी, जिस पर उसने कभी भरोसा किया था।
जांच में सामने आया है कि विकास कुछ समय पहले युवती से उसका लैपटॉप मांगकर ले गया था। जब युवती ने अपना वह लैपटॉप वापस मांगा, तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा। बात तब और बिगड़ गई जब घटना वाले दिन विकास उसे अपनी कार में बैठाकर 12 नंबर मल्टी ले गया और फिर होटल राजहंस के पास खाना खाने के बहाने ले गया।
रात के करीब 12 बज रहे थे। होटल राजहंस के बाहर एक बार फिर दोनों के बीच लैपटॉप को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी विकास ने अपनी सारी हदें पार करते हुए कार के अंदर ही युवती के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। हैरानी की बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी का दिल नहीं पसीजा, बल्कि वह गंभीर रूप से घायल युवती को आधी रात को सुनसान होटल के बाहर अकेला छोड़कर अपनी कार समेत मौके से फरार हो गया।
वीडियो कॉल ने खोली पोल, पिता ने न्याय के लिए उठाया कदम
अंधेरे और दर्द के बीच घिरी उस युवती ने हिम्मत नहीं हारी। उसने किसी तरह रैपिडो बुक की और सुरक्षित अपने घर पहुंची। घर पहुंचने के बाद उसने सहमी हुई हालत में शहडोल में रहने वाले अपने पिता को वीडियो कॉल किया और अपनी आपबीती सुनाई।
बेटी की डरावनी हालत और शरीर पर चोट के निशान देखकर उसके पिता जो कि पेशे से सोने-चांदी के व्यापारी हैं का कलेजा कांप उठा। वे तुरंत शहडोल से भोपाल के लिए रवाना हुए। भोपाल पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी बेटी को अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज कराया और फिर सीधे हबीबगंज थाने पहुंचे। पिता की सख्त शिकायत और पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी विकास यादव को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। य







